
आज के डिजिटल युग में स्क्रीन टाइम बहुत बढ़ गया है। मोबाइल, कंप्यूटर, टीवी या लैपटॉप पर घंटों ध्यान केंद्रित करने से आंखों, गर्दन, पीठ और मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों में जलन, थकान और कमजोरी हो सकती है।
स्क्रीन टाइम का आंखों पर असर
- ड्राई आई सिंड्रोम – लगातार स्क्रीन देखने से पलकें कम झपकती हैं, जिससे आंखों की नमी कम हो जाती है और जलन होती है।
- आई स्ट्रेन – आंखों की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है, जिससे आंखें भारी और थकी महसूस होती हैं।
- ब्लर्ड विजन – लंबे समय तक स्क्रीन देखने के बाद चीजें धुंधली दिखाई दे सकती हैं।
- सिरदर्द और माइग्रेन – स्क्रीन की ब्लू लाइट दिमाग पर असर डालती है और सिरदर्द बढ़ाती है।
- डार्क सर्कल्स – नींद की कमी और आंखों पर तनाव से डार्क सर्कल्स जल्दी बनते हैं।
- रात में देखने की क्षमता पर असर – अधिक ब्लू लाइट Night Vision को प्रभावित कर सकती है।
आंखों की सेहत के लिए योगासन और व्यायाम
1. पलक व्यायाम (Blinking Exercise)

तेजी से 10–15 बार पलक झपकाएं। इससे आंखों की नमी बनी रहती है और ड्राई आई की समस्या कम होती है।
2. पामिंग

हथेलियों को रगड़कर गर्म करें और बंद आंखों पर रखें। यह तुरंत आराम देता है और आई स्ट्रेन कम करता है।
3. त्राटक

किसी स्थिर बिंदु या दीपक की लौ को बिना पलक झपकाए देखें। यह दृष्टि तेज करने, एकाग्रता बढ़ाने और मानसिक शांति देने में मदद करता है।
4. आंख घुमाने का व्यायाम (Eye Rotation)

आंखों को पहले ऊपर-नीचे और फिर दाएं-बाएं घुमाएं। यह आंखों की मांसपेशियों को लचीला बनाता है और तनाव घटाता है।
5. सूर्य नमस्कार और प्राणायाम

सूर्य नमस्कार और प्राणायाम से ब्लड सर्कुलेशन और ऑक्सीजन सप्लाई बेहतर होती है, जिससे आंखों की सेहत लंबे समय तक बनी रहती है।