
होली एक ऐसा त्योहार है, जो रंगों और खुशियों का प्रतीक है। हालांकि, बाजार में बिकने वाले केमिकल युक्त रंग हमारी त्वचा, बालों और पर्यावरण के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इन रंगों से होने वाली समस्याओं से बचने के लिए इस होली पर प्राकृतिक और हर्बल रंगों का उपयोग करना एक बेहतरीन विकल्प है। हर्बल रंग न सिर्फ त्वचा और बालों के लिए सुरक्षित होते हैं, बल्कि ये पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित होते हैं। आइए जानते हैं कैसे हम घर पर ही प्राकृतिक और हर्बल रंग बना सकते हैं, जिनसे हम इस होली को पूरी तरह से सुरक्षित और खुशहाल बना सकते हैं।
1. लाल रंग
लाल रंग होली के उत्सव में विशेष महत्व रखता है। इस रंग को बनाने के लिए आप कुछ प्राकृतिक चीजों का उपयोग कर सकते हैं:
कैसे बनाएं:
- गुलाब की पंखुड़ियां: गुलाब की पंखुड़ियों को सुखाकर पीस लें, इससे एक खूबसूरत लाल रंग बनेगा।
- चुकंदर: चुकंदर को सुखाकर उसका पाउडर बना लें, यह न सिर्फ रंग देगा, बल्कि त्वचा के लिए भी फायदेमंद है।
- गेंदा और सिंदूरिया बीज: गेंदा और सिंदूरिया के बीजों को सुखाकर उनका पाउडर तैयार करें। यह रंग चमकदार और हल्का लाल होता है।
2. पीला रंग
पीला रंग होली का एक और प्रमुख रंग है, जो खुशी और उमंग का प्रतीक है। इस रंग को बनाने के लिए भी आप प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल कर सकते हैं:
कैसे बनाएं:
- हल्दी: हल्दी पाउडर में थोड़ा बेसन या मैदा मिलाकर एक हल्का और सुरक्षित पीला रंग तैयार कर सकते हैं।
- गेंदा के फूल: गेंदा के फूलों को सुखाकर उनका पाउडर बना लें, यह रंग पीला और चमकदार होता है।
- चंदन और केसर: चंदन पाउडर या केसर मिलाने से रंग और भी निखर जाएगा और यह बहुत सौम्य रहेगा।
3. हरा रंग
हरा रंग प्राकृतिक रूप से शांति और संतुलन का प्रतीक है। इसे बनाने के लिए कुछ आसान तरीके हैं:
कैसे बनाएं:
- पालक और नीम: पालक और नीम के पत्तों को सुखाकर उनका पाउडर बना सकते हैं।
- तुलसी के पत्ते: तुलसी के पत्तों का भी इस्तेमाल हरे रंग के लिए किया जा सकता है।
- मेहंदी पाउडर: मेहंदी पाउडर में थोड़ा सा आटा मिला कर हल्का हरा रंग बना सकते हैं।
4. नीला रंग
नीला रंग न केवल होली की सुंदरता को बढ़ाता है, बल्कि यह शांतिपूर्ण और शीतलता का प्रतीक भी है।
कैसे बनाएं:
- अपराजिता (ब्लू पिया): नीले फूलों जैसे अपराजिता (ब्लू पिया) को सुखाकर उनका पाउडर बना सकते हैं।
- जामुन के छिलके: जामुन के छिलकों को सुखाकर उनका पाउडर तैयार करें। यह रंग एक प्राकृतिक नीला रंग देगा।
5. गुलाबी रंग
गुलाबी रंग प्रेम और सौम्यता का प्रतीक है। इस रंग को बनाने के लिए निम्नलिखित सामग्री का इस्तेमाल कर सकते हैं:
कैसे बनाएं:
- चुकंदर का रस: चुकंदर का रस निकालकर उसे सुखाकर गुलाबी रंग का पाउडर तैयार करें।
- गुलाब और गुड़हल के फूल: गुलाब और गुड़हल के फूलों को सुखाकर उनका पाउडर बना लें। यह रंग सुंदर गुलाबी और सॉफ्ट होगा।
6. नारंगी रंग
नारंगी रंग खुशी और उत्साह का प्रतीक होता है। इसे बनाने के लिए भी कुछ सरल प्राकृतिक उपाय हैं:
कैसे बनाएं:
- गेंदे के फूल और हल्दी: गेंदे के फूलों और हल्दी को मिलाकर पीस लें, इससे नारंगी रंग प्राप्त होगा।
- केसर: केसर को पानी में भिगोकर भी एक प्राकृतिक नारंगी रंग तैयार किया जा सकता है।
तरल रंग बनाने के आसान तरीके:
होली में अगर आप तरल रंगों का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो निम्नलिखित तरीकों से आप घर पर ही इन्हें तैयार कर सकते हैं:
- किसी भी फूल या पत्ते को रातभर पानी में भिगोकर सुबह उसका रंगीन पानी निकाल सकते हैं। जैसे, गुलाब, गेंदा, या नीम के पत्ते।
- चुकंदर, हल्दी या पालक को पानी में उबालकर और फिर छानकर, इसे एक स्प्रे बोतल में भरकर तरल रंग तैयार किया जा सकता है।
हर्बल रंगों के फायदे:
- स्किन-फ्रेंडली और केमिकल-फ्री: हर्बल रंगों में कोई भी हानिकारक केमिकल नहीं होते, इसलिए इन्हें त्वचा पर लगाने से कोई जलन या एलर्जी नहीं होती।
- पर्यावरण के लिए सुरक्षित: हर्बल रंग पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित होते हैं। इनसे नदियों और मिट्टी को कोई नुकसान नहीं पहुंचता, जबकि केमिकल रंगों से जल और मृदा प्रदूषित हो जाते हैं।
- बच्चों और बड़ों के लिए सुरक्षित: हर्बल रंगों का इस्तेमाल बिना किसी डर के किया जा सकता है। ये रंग बच्चों और बड़ों दोनों के लिए सुरक्षित होते हैं।
इस होली, आप घर पर बनाए गए हर्बल और प्राकृतिक रंगों का उपयोग करके न सिर्फ खुद को सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि पर्यावरण को भी बचा सकते हैं। हर्बल रंगों का इस्तेमाल करके आप होली को और भी खूबसूरत, सुरक्षित और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बना सकते हैं।