
UP : उत्तर प्रदेश की प्रसिद्ध अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान विभाग की सीनियर प्रोफेसर रचना कौशल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें पिछले करीब 27 वर्षों से उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि केवल हिंदू होने की वजह से उन्हें विश्वविद्यालय में परेशान किया जा रहा है।
प्रोफेसर रचना कौशल का आरोप
रचना कौशल ने कहा, “मैं सब कुछ सहते हुए काम कर रही हूं, लेकिन कुछ प्रोफेसर मेरी आलोचना करते हैं और उनके खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करते हैं। उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि कुछ प्रोफेसर कहते हैं कि हिंदू शिक्षक जानबूझकर मुस्लिम बच्चों को पढ़ाने से बचते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने अनुभवों का खुलासा बहुत जल्द करेंगी और एफआईआर दर्ज कराएंगी।”
रचना कौशल ने अपनी शिकायत में ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेज यूनिवर्सिटी के कुलपति को सौंपे हैं। उन्होंने कहा कि 2017 में उनका प्रमोशन गलत तरीके से रोका गया, जिसके बाद उन्हें हाईकोर्ट का सहारा लेना पड़ा। अदालत के आदेश पर उन्हें प्रमोशन मिला, लेकिन इसके बाद भी उन्हें परेशान किया जाता रहा।
प्रोफेसर ने कहा, “मैंने 22 सितंबर 2025 को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मैं कभी सांप्रदायिकता की बातें नहीं सोचती, लेकिन मेरे प्रतिद्वंद्वी हमेशा धर्म को आगे लाते हैं।” वह अपने ऑडियो का हवाला देते हुए कहती हैं कि उसमें कहा गया है कि वह हिंदू हैं और जानबूझकर मुस्लिम बच्चों को नहीं पढ़ातीं।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस शिकायत का संज्ञान लिया है। यूनिवर्सिटी ने यह भी स्पष्ट किया कि उसकी गरिमा, सुरक्षा और अधिकारों के खिलाफ कोई गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि इस तरह की कोई घटना हुई है, तो उसकी गहन और निष्पक्ष जांच की जाएगी।











