
यमुनानगर के साढौरा क्षेत्र में सीएम फ्लाइंग और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने एक निजी स्टोर और रसगुल्ला बनाने वाले कारखाने पर छापेमारी की। यह कार्रवाई गाबा अस्पताल के पास स्थित एक निजी स्टोर से शुरू हुई, जहां एक्सपायरी डेट वाले सामान और गली हुई फल-सब्जियां पाई गईं। इसके अलावा, सामक और कुट्टू के आटे की जांच में यह पाया गया कि इन्हें हाल ही में पैक किया गया था। टीम ने एक्सपायरी सामान को सील कर लिया और कुछ खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर लैब में जांच के लिए भेज दिए।
इसके बाद, टीम ने गांव फाजलपुर स्थित एक रसगुल्ला बनाने के कारखाने पर दबिश दी, जहां गंदे माहौल में रसगुल्ले और गुलाब जामुन बनाए जा रहे थे। तैयार किए गए उत्पादों में मरी हुई मक्खियां और गंदगी पाई गई। टीम ने तीन क्विंटल रसगुल्लों और तीन क्विंटल गुलाब जामुन के सैंपल लिए। कारखाने में चीनी, घी और दूध की कमी के चलते यह आशंका जताई जा रही है कि इन मिठाइयों को किसी अन्य संदिग्ध पदार्थ से तैयार किया जा रहा था।
गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस दबिश में कारखाने के मालिक लल्ला ने बताया कि वह पिछले कुछ महीनों से फाजलपुर में किराए के मकान में रहकर रसगुल्ले बना रहा है और इन्हें आसपास के कस्बों और हलवाई दुकानों पर सप्लाई करता है। इस मामले में सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।