चीन की तर्ज पर जेवर एयरपोर्ट के पास विकसित होगा इंटरनेशनल बिजनेस सेंटर?

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना प्राधिकरण को संभावना तलाशने को कहा”
  • उत्तर प्रदेश के एक जिला एक उत्पाद को भी मिलेगा बड़ा लाभ

गौतमबुद्ध नगर : चीन के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के पास बने इंटरनेशनल बिजनेस सेंटर्स की तर्ज पर अब भारत में भी जेवर एयरपोर्ट के पास इसी तरह के व्यापार केंद्र विकसित करने की पहल शुरू हो सकती है। इसके तहत पूरे भारत के प्रतिष्ठित और नामचीन उत्पाद एक ही छत के नीचे थोक दरों पर विदेशी होलसेलर्स को उपलब्ध कराए जा सकेंगे।

इन व्यापार केंद्रों में सहारनपुर के लकड़ी उत्पाद, राजस्थान का मकराना पत्थर, खुर्जा के चीनी मिट्टी के बर्तन, मुरादाबाद के पीतल के सामान, लुधियाना के होजरी कपड़े, बंगाल और बनारस की साड़ियां तथा नोएडा के इलेक्ट्रिक उपकरण जैसे देश के नामी-गिरामी उत्पाद बड़े पैमाने पर यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में जेवर एयरपोर्ट के पास विदेशी व्यापारियों और थोक खरीदारों को एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगे।

चीन में पहले से मौजूद हैं ‘यिवू’ मार्केट

उल्लेखनीय है कि चीन में हवाई अड्डों के पास ‘यिवू’ (YIWU) नाम से ऐसे बाजार पहले से मौजूद हैं, जहां विदेशी ग्राहकों को पूरे देश में घूमने के बजाय एक ही स्थान पर देशभर के नामी उत्पाद मिल जाते हैं। ये बाजार अलग-अलग डिस्ट्रिक्ट्स में बंटे हुए हैं और प्रत्येक डिस्ट्रिक्ट लगभग 4 से 6 एकड़ क्षेत्र में फैला होता है। इनमें विभिन्न प्रकार के प्रसिद्ध उत्पाद उपलब्ध रहते हैं।

यहां व्यापारी या ग्राहक एक ही जगह से पूरे देश के अलग-अलग उत्पाद खरीद सकते हैं। जब सामान एक या दो कंटेनर के बराबर हो जाता है, तो उसी स्थान से कंटेनर बुक कर अपने देश तक माल आसानी से भेज सकते हैं। इस प्रक्रिया में मदद के लिए एजेंट भी मौजूद रहते हैं। इससे व्यापारियों को पूरे देश में घूमने की आवश्यकता नहीं पड़ती, परिवहन खर्च में बचत होती है और निर्यात की प्रक्रिया भी सरल हो जाती है।

यूपी के ‘एक जनपद एक उत्पाद’ को मिलेगी मजबूती

भारत में अभी तक इस स्तर की कोई व्यवस्था मौजूद नहीं है। यदि जेवर एयरपोर्ट के पास ऐसा वृहद बाजार विकसित होता है, तो इससे देश के व्यापार को तो बढ़ावा मिलेगा ही, साथ ही उत्तर प्रदेश की ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में एक्सप्रेसवे से सटे सेक्टर-28, 29, 30 और 31 में ऐसे बाजार विकसित करने के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। अच्छी बात यह है कि यह क्षेत्र न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश से सड़क, रेल और हवाई मार्गों से बेहतर तरीके से जुड़ रहा है। इससे देश के हर कोने से माल की आवाजाही में कोई दिक्कत नहीं होगी।

यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि यह विचार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से आया है, जो काफी प्रभावशाली और व्यवहारिक है। इस दिशा में प्राधिकरण जल्द ही इसके स्वरूप को लेकर एक अध्ययन शुरू करेगा। यदि यह योजना मूर्त रूप लेती है, तो देश, प्रदेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के भी व्यापक अवसर पैदा होंगे।

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