झारखंड में जंगली हाथी का आतंक! खौफ में एक घर में सोते हैं 150 लोग

Jharkhand : झारखंड में पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव प्रखंड के बेनीसागर गांव में जंगली हाथी का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे ग्रामीणों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस खौफनाक स्थिति के कारण कई परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों में शरण ले रहे हैं।

अभी तक कुल तीन दिनों में हाथी के हमलों में तीन लोगों की जान चली गई है, वहीं जिले में इस साल कुल 20 लोगों की मौत हाथियों के हमले से हो चुकी है। ग्रामीणों में भय का माहौल है और वे जान-माल की सुरक्षा के लिए निरंतर चिंता जता रहे हैं।

गांव के एक सुरक्षित घर में लगभग 15 लोग रात बिताने को मजबूर हैं। इनमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे हैं, जबकि पुरुष जागरूकता के तहत बाहर रहकर हाथी का पीछा कर रहे हैं और निगरानी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हाथी अचानक गांव में घुस आते हैं और जान-माल को भारी नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे घरों में अकेले सोने का साहस कोई भी नहीं कर पा रहा है।

पिछले 9 दिनों में हाथी के हमलों में 20 लोगों की मौत हो चुकी है। इस संदर्भ में, शनिवार रातभर मझगांव प्रखंड के बेनीसागर गांव में वन विभाग की टीम ने दस्तक दी और कैंप कर निगरानी रखी। हालांकि, इस दौरान हाथी की मौजूदगी की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हाथी को ट्रेस करने और उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए क्षेत्र में लगातार निगरानी जारी है। रविवार को भी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचेंगे और हाथी का पता लगाने, उसकी लोकेशन ट्रैक करने तथा आगे की रणनीति बनाने का प्रयास करेंगे।

ग्रामीणों का मानना है कि यदि हाथी को तत्काल गांव से बाहर नहीं खदेड़ा गया, तो जान-माल का नुकसान और बढ़ सकता है। उन्होंने वन विभाग से मांग की है कि स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि ग्रामीण सुरक्षित होकर अपने जीवनयापन में जुट सकें।

इस बीच, ग्रामीण सतर्कता बरत रहे हैं और जंगल में हाथी की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से पहले ही हाथी को जंगल में खदेड़ा जा सके।

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