ब्लास्ट से पहले आतंकी का मस्जिद दौरा क्यों? CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस कर रही गहन जांच

नई दिल्ली : दिल्ली ब्लास्ट का आरोपी आतंकी उमर उन नबी फ़ैज़-ए-इलाही मस्जिद में गया था। यही मस्जिद तुर्कमान गेट के पास है, जहां मंगलवार देर रात बुलडोजर एक्शन हुआ। सूत्रों के मुताबिक, ब्लास्ट से पहले उमर उन नबी मस्जिद में करीब 15 मिनट तक रुका था। इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें वह मस्जिद के अंदर दिख रहा है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आतंकी के मस्जिद में जाने का मकसद क्या था।

इस खुलासे के बीच देर रात दिल्ली नगर निगम ने रामलीला मैदान के पास अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बड़ी कार्रवाई की। तुर्कमान गेट इलाके में 10 बुलडोजर और 15 से ज्यादा जेसीबी मशीनों ने डेमोलिशन का काम शुरू किया। इस दौरान हालात तनावपूर्ण हो गए। मस्जिद के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे।

दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई के लिए 9 जिलों के डीसीपी रैंक के अफसरों को तैनात किया गया था। करीब 1,000 पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहे। मलबा हटाने के लिए 70 से ज्यादा डंपर और 150 से अधिक एमसीडी कर्मचारी लगाए गए। पुलिस ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश कर रहे लोगों को रोकने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में है।

पत्थरबाजी में 5 पुलिसकर्मी घायल

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पत्थरबाजी में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। पत्थरबाजों की पहचान सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाएगी और घायल पुलिसकर्मियों के बयान के बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, पत्थरबाजी की उम्मीद नहीं थी और यह घटना केवल 25–30 लोगों द्वारा की गई। फिलहाल रामलीला मैदान जाने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं, हालांकि सुबह 11 बजे के बाद ट्रैफिक प्रतिबंधों में ढील दी जा सकती है। कार्रवाई के दौरान फ़ैज़-ए-इलाही मस्जिद की 0.195 एकड़ जमीन को छोड़कर बाकी अवैध निर्माण, जिनमें लाइब्रेरी, डिस्पेंसरी और बैंक्वेट हॉल शामिल थे, गिरा दिए गए हैं। वर्तमान में इलाके में बीएनएस की धारा 164 लागू है।

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