जब बिना कपड़ों के सड़क पर दौड़ी थीं परवीन बाबी…

Mumbai : हिंदी सिनेमा की सबसे ग्लैमरस, सबसे बोल्ड और सबसे रहस्यमयी अभिनेत्री परवीन बाबी। 70 और 80 के दशक में जिनकी एक झलक के लिए दर्शक पागल हो जाते थे। अमर अकबर एंथनी, दीवार, सुहाग, काला पत्थर, नमक हलाल, शान जैसी सुपरहिट फिल्मों की यह हिरोइन एक वक्त बॉक्स ऑफिस की रानी थी। लेकिन जिस तेजी से स्टारडम की ऊंचाइयों को छुआ, उतनी ही तेजी से उनकी जिंदगी अंधेरे में डूबती चली गई।

वो रात जब परवीन सड़क पर नग्न दौड़ पड़ीं
फिल्मकार महेश भट्ट ने एक पुराने इंटरव्यू में परवीन के साथ अपने रिश्ते की खुलकर बात की थी। उस दौर में परवीन पैरानॉयड सिजोफ्रेनिया की शिकार हो चुकी थीं। उन्हें बार-बार लगता था कि कोई उनका पीछा कर रहा है, कोई उन्हें मार डालेगा। महेश भट्ट उन्हें समझाने, ढाढस बंधाने की कोशिश करते थे।
एक रात फिर वही हुआ। परवीन को लगा कि कोई खतरा नजदीक है। महेश उन्हें समझा रहे थे, लेकिन बात नहीं बन रही थी। अचानक परवीन बाथरूम में चली गईं। महेश को गुस्सा आ गया और वे घर से बाहर निकल आए। तभी पीछे से आवाज आई। जब मुड़कर देखा तो परवीन बिना कपड़ों के उनके पीछे सड़क पर दौड़ती चली आ रही थीं। महेश ने तुरंत उन्हें वापस घर में ले जाकर दरवाजा बंद किया।
यह किस्सा महेश भट्ट ने खुद कई बार सुनाया। उन्होंने बताया कि उस वक्त परवीन का दिमाग पूरी तरह उनके कंट्रोल में नहीं था। यह पागलपन नहीं था, बल्कि एक टूटती हुई औरत का आखिरी संघर्ष था।

तीन बड़े रिश्ते, तीन बार टूटा दिल
परवीन बाबी की निजी जिंदगी हमेशा सुर्खियों में रही।

पहले डैनी डेन्जोंगपा के साथ गहरा रिश्ता था, जो कई साल चला।
फिर कबीर बेदी के प्यार में पड़ गईं, लेकिन कबीर ने ब्रिटिश मॉडल प्रोटीमा के साथ शादी कर ली।
उसके बाद महेश भट्ट उनके जीवन में आए। महेश अपनी पत्नी किरण और बेटी पूजा को छोड़कर परवीन के साथ लिव-इन में रहने लगे। लेकिन परवीन की मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी और यह रिश्ता भी टूट गया।

अकेलेपन में कटी आखिरी सारी जिंदगी
1983 के बाद परवीन ने फिल्मों से लगभग संन्यास ले लिया। 1989 में उनकी आखिरी फिल्म ‘इरादा’ आई। इसके बाद वे पूरी तरह गुमनामी में चली गईं। विदेश में रहीं, फिर भारत लौटीं। मुंबई के जूहू में अपने फ्लैट में अकेले रहने लगीं। न कोई दोस्त, न रिश्तेदार, न कोई फिल्मी दुनिया का व्यक्ति। सिर्फ उनकी नौकरानी और बिल्लियां।

22 जनवरी 2005 – वो दिन जब दुनिया को पता चला
20 जनवरी 2005 को परवीन का ड्राइवर और नौकरानी कई बार घंटी बजाते रहे, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। 22 जनवरी को पड़ोसियों को बदबू आई। पुलिस को बुलाया गया। दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर परवीन बाबी का शव मिला। वह तीन दिन से मृत पड़ी थीं। पैर में गैंगरीन हो गया था, डायबिटीज अनकंट्रोल थी, कई अंग फेल हो चुके थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कहा गया – भूख से मौत। क्योंकि फ्रिज में खाना था, लेकिन वे उठकर खा नहीं पाई थीं।

आज भी अनसुलझा सवाल
परवीन बाबी ने कभी शादी नहीं की, कोई बच्चा नहीं था। उनकी संपत्ति का वारिस कोई नहीं था। उनकी डायरी में लिखा मिला था कि उन्हें लगता था संजय दत्त, सलमान खान, अमिताभ बच्चन और अमेरिका की CIA उन्हें मारना चाहती है। यह पैरानॉयड सिजोफ्रेनिया का आखिरी स्टेज था।
आज भी जब लोग उनकी फिल्में देखते हैं, तो हैरान होते हैं कि इतनी खूबसूरत, इतनी कामयाब और इतनी बोल्ड अभिनेत्री आखिर इतनी तन्हा और दर्दनाक मौत कैसे मर गई?
परवीन बाबी सिर्फ एक एक्ट्रेस नहीं थीं वे हिंदी सिनेमा की सबसे ट्रैजिक लव स्टोरी थीं।
जिनके लिए दुनिया दीवानी थी, आखिरी सांस तक वे दुनिया से अकेली लड़ती रहीं।

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