
जयपुर। भीमराव अम्बेडकर विधि विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आज के समय में सबसे ज्यादा जरूरत है कि ज्यूडिशियल मजबूत हो। कॉलेज के अंदर अच्छे अधिवक्ता बनें।
शिक्षिका के सवाब पर सीएम गहलोत ने ली चुटकी
कार्यक्रम में एक शिक्षिका ने सीएम गहलोत से कहा कि आपको सुुनकर नहीं लग रहा कि हम मुख्यमंत्री को सुन रहे हैं। इस पर सीएम ने चुटकी लेते कहा कि ये बात सत्य हैं। मैं मुख्यमंत्री नहीं लगता। इस पर गहलोत ने कहा कि जब मैं पहली बार मुख्यमंत्री बना तो लोग कहते थे कि मैं मुख्यमंत्री जैसा नहीं लगता। भगवान ने पर्सननिटी और बॉडी लेंग्वेज ऐसी दी मैं क्या करूं।
सत्ता पर राज करने वाले ही जब बुलडोजर चलाने लगेंगे तो संविधान कहां जाएगा
मुख्यमंत्री गहलोत ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की 131वीं जयंती पर गुरुवार को सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग की ओर से बिड़ला सभागार में आयोजित समारोह में कहा कि यदि राज करने वाले ही बुलडोजर चलाएंगे तो संविधान का राज कहां रहेगा। सरकारों को किसी का मकान तोड़ने का अधिकार किसने दे दिया। उन्होंने उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश में अपराधियों के मकान तोड़ने के प्रावधान को लेकर कहा कि यह अधिकार तो प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के पास भी नहीं है। बिना किसी को दोषी ठहराए आप किसी का मकान कैसे तोड़ सकते हैं?
जिंदगी बस कुछ दिनों की हैं, प्रेम से रहो
समारोह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के चेहरे पर करौली दंगों का दर्द भी साफ नजर आया। उन्होंने कहा कि जिंदगी हजार वर्ष की नहीं होती, इसलिए प्रेम से रहो और भाईचारे से रहने के लिए प्रेरित करो। करौली में झगड़ा हुआ तो लोगों ने कहा कि चुनाव आ रहे हैं, लेकिन हमने इसे गंभीरता से लिया और रामनवमी पर पूरे राज्य में शोभायात्रा के दौरान फूल बरसाए गए।














