
बिहार। राजधानी पटना में वक्फ संशोधन बिल (Waqf Bill) को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है। मुस्लिम संगठनों ने बुधवार को गर्दनीबाग में इस बिल के खिलाफ बड़ा धरना-प्रदर्शन किया, जिसमें विभिन्न राज्यों से आए मुस्लिम नेताओं की भीड़ जुटी। इस प्रदर्शन में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) सहित आठ से अधिक संगठनों ने हिस्सा लिया।
प्रदर्शन के दौरान राजद सुप्रीमो लालू यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव भी धरनास्थल पर पहुंचे, जिससे यह मुद्दा और भी प्रासंगिक और सियासी गरमी का कारण बन गया है। इन नेताओं के समर्थन से मुस्लिम संगठनों के हौसले बुलंद हुए हैं और राजद प्रमुख लालू यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने साफ कहा है, “वे वक्फ संशोधन बिल का विरोध आखिरी दम तक करेंगे।”
धरने में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के नेता शामिल हुए, जिनमें इमारत-ए-शरिया और अन्य प्रमुख संगठन शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सरकारी हस्तक्षेप के खिलाफ अपनी आवाज उठाई और इस बिल को विरोधाभासी बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
इस घटना ने बिहार की राजनीतिक स्थिति का नया मोड़ ले लिया है। राजद नेताओं के शामिल होने से इस मुद्दे में नया दम भर गया है, और संभावित रूप से आगे चलकर चुनावी रणनीतियों में भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। चुनावी मैदान में उतरने के लिए सभी पार्टियों को इस मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
मुस्लिम संगठनों के इस एकजुटता ने न केवल सरकार के लिए चुनौती खड़ी की है, बल्कि यह दिखाया है कि सामाजिक और धार्मिक मुद्दे राजनीतिक क्षेत्र में कैसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अब सभी की निगाहें इस पर हैं कि बिहार सरकार इस विरोध का क्या जवाब देती है और क्या वक्फ संशोधन बिल की दिशा में कोई परिवर्तन देखने को मिलता है।