
Waqf Amendment Bill : आज बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को पेश किया जाएगा। सरकार ने इस विधेयक पर चर्चा और वोटिंग कराने की तैयारी कर ली है। विपक्षी दलों ने चर्चा के लिए 12 घंटे का समय मांगा है, लेकिन सरकार ने केवल 8 घंटे का समय दिया है।
अंदाजा लगाया जा रहा है कि सदन में हंगामा होने की संभावना है, क्योंकि विपक्ष इस विधेयक के खिलाफ है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जनता दल (यूनाइटेड) [जदयू], तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), शिवसेना, लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा), राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) ने अपने सांसदों को व्हिप जारी किया है, ताकि वे इस मुद्दे पर एकजुट रहें।
सरकार का तर्क है कि यह विधेयक मुस्लिमों के हित में एक सुधारात्मक कदम है। इसका मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों का संरक्षण और उनके प्रबंधन में सुधार करना है। लेकिन विपक्ष इसे संविधान का उल्लंघन और धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ मानता है। विभिन्न विपक्षी दलों ने वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। सदन में हंगामे की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है।
वक्फ बिल विधेयक के प्रमुख बिंदु
सरकार ने इस विधेयक में कुछ सुधारों का प्रस्ताव रखा है, जैसे कि वक्फ संपत्तियों के प्रबंध की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और वक्फ बोर्डों के कार्यों में जवाबदेही बढ़ाना।
क्या है विपक्षियों का तर्क
विपक्ष का कहना है कि यह विधेयक धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है, और मुस्लिम समुदाय के प्रति नकारात्मक मानसिकता को दर्शाता है। उनका तर्क है कि इस विधेयक से धार्मिक संस्थाओं के स्वायत्तता में कमी आएगी। कुछ सांसदों ने कहा है कि इस विधेयक के माध्यम से सरकार मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं से खेल रही है।