यूपी में वोटर लिस्ट से कटे 2.89 मतदाता तो कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- ‘ये भाजपा की साजिश’

UP SIR List : उत्तर प्रदेश में विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) के तहत मतदाता सूची के मसौदे (Draft Electoral Roll) में से लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के बाद राजनीतिक दलों ने मंगलवार एवं बुधवार को चुनाव आयोग (Election Commission) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखे आरोप लगाए हैं। यह मामला प्रदेश में चुनावी माहौल को गरमाने वाला माना जा रहा है।

चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया के अंतर्गत उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची का व्यापक पुनरीक्षण किया गया, जिसमें पिछले 15.44 करोड़ से अधिक मतदाताओं की सूची से 2.89 करोड़ नाम हटा दिए गए हैं। यह सूची ड्राफ्ट के रूप में प्रकाशित की गई है, और अब 6 फरवरी 2026 तक दावे एवं आपत्तियों (Claims & Objections) की अवधि है। इसके बाद, 6 मार्च 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि इन मतदाताओं में से अधिकांश वे हैं जिनके नाम मृत (DEAD) हैं, या जो स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं, या जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं, या जिनके घरों पर ब्लॉक स्तर (BLO) अधिकारी नहीं पहुंच सके।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- ये भाजपा की साजिश

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इसे “बड़ी साजिश” करार देते हुए कहा कि ड्राफ्ट सूची से इतनी बड़ी संख्या में नाम हटाना पूरी तरह से जांच का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि 1.13 करोड़ फॉर्म समय पर वापस नहीं आए, जिसका मतलब है कि इन मतदाताओं को जानबूझकर सूची से बाहर किया गया है, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए इसे “लोकतंत्र की हत्या” बताया। उनका कहना है कि लगभग तीन करोड़ मतदाताओं के नाम हटाना चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा की यह कोशिशें अंततः उत्तर प्रदेश से उसका सफाया सुनिश्चित करेंगी।

सपा ने चुनाव आयोग पर उठाएं सवाल

समाजवादी पार्टी (SP) ने भी चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। UP SP प्रमुख श्याम लाल पाल ने कहा कि आयोग को निष्पक्षता से काम करना चाहिए और यह मतदाता सूची का संशोधन लोकतंत्र को प्रभावित कर सकता है, खासकर पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं के लिए। उन्होंने हाल ही में उत्तर प्रदेश की नौ विधानसभा सीटों में चुनावों के दौरान हुई अनियमितताओं का भी जिक्र किया।

साथ ही, एसपी के एक अन्य नेता फखरुल हसन चांद ने कहा कि उनकी पार्टी इन पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक मतदाताओं को बाहर न करने की सख्त निगरानी करेगी।

वहीं, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट सूची में नाम कटौती का कारण तकनीकी और प्रक्रिया से जुड़ी बातें हैं, किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं। आयोग ने यह भी आश्वासन दिया है कि दावे एवं आपत्तियों का पूरा अवसर प्रदान किया जाएगा, ताकि जिन मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं, वे अपने नाम मतदाता सूची में पुनः जोड़वा सकते हैं।

अगर आप जानना चाहते हैं कि अपनी वोटर लिस्ट में अपना नाम कैसे चेक करें या दावे एवं आपत्तियाँ कैसे दर्ज करें, तो मुझे अवश्य बताएं- मैं उसे भी विस्तार से समझा दूँ।

यह भी पढ़े : UP Draft Voter List : यूपी की नई वोटर लिस्ट आ गई है… यहां से डाउनलोड करें PDF और चेक करें अपना नाम

खबरें और भी हैं...

अपना शहर चुनें