
Bangladesh Murder : बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। रविवार रात नरसिंगदी जिले में एक किराना स्टोर मालिक, 45 वर्षीय मोनी चक्रवर्ती की धारदार हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई। यह घटना देश में 24 घंटे के भीतर हिंदुओं पर दूसरी बड़ी हिंसक घटना है। रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना के बाद से ही पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, मोनी चक्रवर्ती पर सोमवार रात करीब 10 बजे नरसिंगदी जिले में धारदार हथियारों से हमला किया गया। चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। यह हत्या हिंदू समुदाय के सदस्यों को निशाना बनाने वाली हिंसक घटनाओं की श्रृंखला में नवीनतम घटना है।
बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की यह ताजा कड़ी है, जिसमें हाल ही में खोकन चंद्र दास, अमृत मंडल और दीपू चंद्र दास जैसी अन्य लोगों की निर्मम हत्या हो चुकी है।
इससे पहले 3 जनवरी को, 50 वर्षीय खोकन चंद्र दास को बेरहमी से हमला किया गया, उसे काटा गया और आग लगा दी गई, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। 24 दिसंबर को राजबाड़ी शहर के पांग्शा उपजिला में कथित उगाही के आरोप में एक अन्य हिंदू व्यक्ति, 45 वर्षीय अमृत मंडल, को पीट-पीटकर मार डाला गया।
इसके अतिरिक्त, 18 दिसंबर को मैमनसिंह शहर में 25 वर्षीय दीपू चंद्र दास को ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और उसके शव को आग लगा दी।
एक दूसरी घटना में, 23 दिसंबर को चटगांव के बाहरी इलाके राउजान में कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने कतर में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों, शुख शिल और अनिल शिल के घर में आग लगा दी। हालांकि, घर में मौजूद लोग सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।
बांग्लादेश में यह घटनाएं हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती हैं। इन हिंसक घटनाओं के बीच, देश में स्थिरता और सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। हाल ही में विभिन्न शहरों में हुई इन हिंसक वारदातों ने समाज में भय का माहौल पैदा कर दिया है।
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