
बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर जोरदार चर्चा हुई. सुबह करीब 12 बजे अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू ने यह विधेयक पेश किया, जिसके बाद बहस की शुरुआत हुई. चर्चा के दौरान रिजिजू ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला, जबकि समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कि. दिनभर की बहस के बाद शाम को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मोर्चा संभाला और विधेयक का मजबूती से समर्थन किया.
इस बीच, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस बिल को ‘मुस्लिमों के साथ अन्याय’ करार देते हुए सत्ता पक्ष पर तीखा हमला किया. लोकसभा में इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच जबरदस्त बहस देखने को मिली, जिससे संसद का माहौल गरमा गया. असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मैं इस बिल का विरोध करता हूं और गांधी की तरह बिल को फाड़ता हूं क्योंकि यह मुसलमानों के अन्याय के लिए है.
#WATCH | Delhi | AIMIM Chief Asasuddin Owaisi tears the copy of #WaqfAmendmentBill during his remarks in the ongoing debate in the Lok Sabha pic.twitter.com/9P4ZfZUDKE
— ANI (@ANI) April 2, 2025
वक्फ बिल का मतलब मुस्लिमों का विरोध करना: ओवैसी
संसद में वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर जबरदस्त बहस हुई. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस बिल का विरोध करते हुए कहा कि यह अनुच्छेद 25 और 26 का उल्लंघन है. उन्होंने इसे मुसलमानों के साथ अन्याय करार दिया और कहा कि इसका मकसद मुस्लिम समुदाय को अपमानित करना है. ओवैसी ने महात्मा गांधी की तरह विधेयक को फाड़ने की भी बात कही.
आखिर उन्होंने विधेयक को क्यों फाड़ा?’: जगदंबिका पाल
वक्फ पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के अध्यक्ष और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने लोकसभा में जारी बहस के दौरान वक्फ संशोधन विधेयक (#WaqfAmendmentBill) को फाड़ने पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “असदुद्दीन ओवैसी इस विधेयक को असंवैधानिक बताते हैं, लेकिन असंवैधानिक कार्य तो उन्होंने खुद किया है, जब उन्होंने इसे फाड़ दिया… मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि आखिर उन्होंने विधेयक को क्यों फाड़ा?’
#WATCH | Delhi | Chairman of the JPC on Waqf and BJP MP Jagdambika Pal slams AIMIM Chief Asasuddin Owaisi for tearing the #WaqfAmendmentBill during his remarks in the ongoing debate in the Lok Sabha.
— ANI (@ANI) April 2, 2025
He says, "Asasuddin Owaisi calls the bill unconstitutional, but he has done the… pic.twitter.com/7F8p87A2Q2
आजाद समाज पार्टी के सांसद एडवोकेट चंद्रशेखर ने भी इस विधेयक को लेकर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने इसे संवैधानिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि यह संशोधन मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करेगा. चंद्रशेखर ने चेतावनी दी कि ऐतिहासिक मस्जिदों को सरकारी संपत्ति घोषित करने से सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है. उन्होंने आगे कहा कि जिलाधिकारी तक जनता की बात नहीं सुनते, ऐसे में धार्मिक स्वतंत्रता भी प्रभावित होगी.
उनके लंबे भाषण पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने टोकते हुए मजाकिया अंदाज में कहा, ‘धन्यवाद वकील साहब, आप तो सारी धाराएं ही पढ़ डालोगे!’ इस पर चंद्रशेखर ने जवाब दिया, “सर, पूरा तो हो जाने दो! संसद में इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली, जिससे सदन का माहौल गरमा गया.
मुसलमानों को हाशिए पर धकेलने का हथियार
वक्फ बिल पर बीच बहस के दौरान राहुल गांधी ने सोशल मीडिया (X) पर लिखा कि, वक्फ (संशोधन) विधेयक मुसलमानों को हाशिए पर धकेलने और उनके निजी कानूनों और संपत्ति के अधिकारों को हड़पने के उद्देश्य से बनाया गया एक हथियार है. आरएसएस, भाजपा और उनके सहयोगियों द्वारा संविधान पर यह हमला आज मुसलमानों पर लक्षित है, लेकिन भविष्य में अन्य समुदायों को निशाना बनाने के लिए एक मिसाल कायम करता है. कांग्रेस पार्टी इस कानून का कड़ा विरोध करती है क्योंकि यह भारत के मूल विचार पर हमला करता है और अनुच्छेद 25, धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करता है.