
नई दिल्ली : विदेश मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने वेनेज़ुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि आज की दुनिया में अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर केवल नाम भर के रह गए हैं और वैश्विक व्यवस्था अब ‘लॉ ऑफ द जंगल’ यानी जंगलराज की ओर बढ़ चुकी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में ‘माइट इज़ राइट’ अर्थात ताकत ही न्याय बनती जा रही है।
थरूर की यह टिप्पणी लेखक कपिल कोमिरेड्डी की एक पोस्ट के जवाब में आई, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कार्रवाई को दोहरे मानकों का उदाहरण बताया गया था। कोमिरेड्डी ने लिखा था कि जो देश आज अमेरिका के कदम का समर्थन कर रहे हैं, वही चीन द्वारा ताइवान के राष्ट्रपति को अगवा किए जाने की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय कानून की दुहाई देंगे।

उधर, अमेरिका ने महीनों तक चेतावनी और दबाव बनाए रखने के बाद वेनेज़ुएला में सैन्य कार्रवाई कर 12 वर्षों से सत्ता में रहे राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटा दिया। अमेरिका ने मादुरो पर 50 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित कर रखा था। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर मादुरो की एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह कैरेबियन सागर में एक अमेरिकी नौसैनिक जहाज पर हथकड़ी और आंखों पर पट्टी बांधे दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को ड्रग्स और हथियारों से जुड़े मामलों में मुकदमे के लिए न्यूयॉर्क ले जाया गया। ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने मादुरो की गिरफ्तारी को अपने मार-ए-लागो एस्टेट से टीवी शो की तरह लाइव देखा।
इस बीच, वेनेज़ुएला की विपक्षी नेता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया कोरीना मचाडो ने सोशल मीडिया पर इसे देश की आज़ादी का क्षण बताते हुए कहा कि 2024 चुनाव के विपक्षी उम्मीदवार को तुरंत राष्ट्रपति पद संभालना चाहिए। हालांकि, ट्रंप ने इस मांग को खारिज करते हुए कहा कि मचाडो को देश में पर्याप्त समर्थन और सम्मान हासिल नहीं है।
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