
वाराणसी। चौबेपुर में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता की छह दिन की नन्ही बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बच्ची ने आधी रात को रोना शुरू किया और उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। परिजन उसे सुलाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उसकी सांसें रुक गईं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
क्षेत्र में, पीड़िता द्वारा बीते सोमवार शाम को जन्मी बच्ची की रविवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बच्ची ने अचानक आधी रात को रोना शुरू किया और कुछ ही समय बाद उसकी तबीयत खराब होने लगी।
परिजनों ने उसे सुलाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ देर में बच्ची पूरी तरह शांत हो गई। डॉक्टरों को दिखाने से पहले ही उसकी सांसें थम गईं। बच्ची की मौत से परिवार में मातम छा गया है।
परिजन नामकरण की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इस घटना ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया। सूचना पर चौबेपुर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
बच्ची की मौत के बाद कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। उधर, दुष्कर्म पीड़ित किशोरी के परिजन आरोपितों की ओर से धमकियों का भी सामना कर रहे थे। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव को पुलिस की सुरक्षा में गौरा उपरवार घाट पर प्रवाहित किया गया।
यह भी ज्ञात है कि, दिसंबर में एक किशोरी को सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवकों ने जबरन गन्ने के खेत में ले जाकर बारी-बारी से दुष्कर्म किया। इसके बाद भी यह सिलसिला जारी रहा।
आरोप है कि विरोध करने पर आरोपित जान से मारने की धमकी देते थे। पीड़िता की मां गूंगी है और पिता मंद बुद्धि के हैं। 26 जून को पड़ोस की एक महिला ने उसकी गर्भावस्था देखकर बात की और मौसी को सूचित किया। इसके बाद मौसी घर आई, और सभी रिश्तेदारों के साथ थाने पहुंचे। चौबेपुर पुलिस ने दो आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष सात आरोपितों के खिलाफ बयान दिया, और अधिकारियों के यहां भी आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग चल रही थी। मुख्यमंत्री को भी रजिस्टर्ड पत्र भेज कर कार्रवाई की अपील की गई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसी बीच, 25 अगस्त को नाबालिग पीड़िता को प्रसव पीड़ा हुई, तो वह टेम्पो में ही बच्ची को जन्म दी। एंबुलेंस और 112 को फोन करने पर मदद नहीं मिली। इसके बाद वह अपने मामा के घर गई, जहां सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात कर दी गई थी।
रविवार सुबह पांच बजे उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव को गौरा उपरवार घाट पर प्रवाहित किया गया। मामा ने बताया कि अब किसी से कोई शिकायत नहीं है, और सभी आरोपित जेल में हैं।