
Malda : प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को कहा कि आज पश्चिम बंगाल में रेलवे के विकास को नई गति और नये आयाम मिले हैं। एक तरफ जहां हावड़ा-गुवाहाटी मार्ग में शुरू हुई देश की यह पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, मां काली की धरती को, मां कामाख्या की भूमि को जोड़ रही है। वहीं पश्चिम बंगाल को चार नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों से देश के उत्तरी, दक्षिणी एवं पश्चिमी हिस्सों से नयी कनेक्टिविटी मिली है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के माल्दा टाउन रेलवे स्टेशन से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सहित विभिन्न रेलवे एवं सड़क परियोजनाओं के लोकार्पण के बाद समारोह को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, शांतनु ठाकुर, सुकांता मजूमदार, पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी, संसद सदस्य शॉमिक भट्टाचार्य, खगेन मुर्मू और कार्तिक चंद्रपॉल भी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल के विकास को नई गति देने का अभियान आज और तेज हुआ है। भारतीय रेल के आधुनिकरण की तरफ एक और बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य से जुड़े कई अन्य विकास कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण से यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा, “बंगाल की इस पावन भूमि से ….आज से भारत में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की शुरूआत हो रही है। ये नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन देशवासियों के लंबे सफर को और आरामदायक बनाएगी, शानदार बनाएगी, यादगार बनाएगी। …..यह वंदे भारत ट्रेन मेड इन इंडिया है, इसे बनाने में हम भारतीयों का पसीना लगा है। देश की यह पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, मां काली की धरती को, मां कामाख्या की भूमि को जोड़ रही है। आने वाले समय में पूरे देश में इस आधुनिक ट्रेन का विस्तार होगा।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से बंगाल के युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। यह ट्रेन आत्मनिर्भर भारत की ताकत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पूरे देश में इस आधुनिक स्लीपर ट्रेन का विस्तार किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने बंगाल, असम और पूरे देश को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
उन्होंने कहा कि इसी तरह से बंगाल को चार और आधुनिक अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें मिलीं हैं। न्यू जलपाईगुड़ी, नागरकोई अमृत भारत एक्सप्रेस, न्यू जलपाईगुड़ी से तिरुचिरापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस, अलीपुर द्वार बेंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस, अलीपुर द्वार मुंबई अमृत भारत एक्सप्रेस, इससे बंगाल और खासतौर पर उत्तर बंगाल की दक्षिण और पश्चिम भारत से कनेक्टिविटी और सशक्त होगी। विशेष रूप से जो यात्री बंगाल और पूर्वी भारत की यात्रा के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से आते हैं। जो गंगा सागर, दक्षिणेश्वर और कालीघाट के दर्शन को आते हैं। जो लोग यहां से तमिलनाडु और महाराष्ट्र जाते हैं। यह अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें उनके सफर को और आसान बनाएगी।
प्रधानमंत्री ने यात्रियों से बातचीत का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी लोग विदेशों की ट्रेनों को तस्वीरों और वीडियो में देखकर सोचते थे कि काश ऐसी ट्रेन भारत में भी होती, लेकिन आज वही सपना हकीकत बन चुका है। अब विदेशी लोग भारत की मेट्रो और ट्रेनों के वीडियो बनाकर दुनिया को बता रहे हैं कि भारत में रेलवे क्षेत्र में किस तरह की क्रांति हो रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारतीय रेल कायाकल्प के दौर से गुजर रही है। भारतीय रेल अब आधुनिक होने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भी बन रही है। रेलवे का तेजी से विद्युतीकरण हो रहा है, स्टेशन आधुनिक बनाए जा रहे हैं और देश में एक से अधिक वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं। देश में ही रेल इंजन, कोच और मेट्रो कोच का निर्माण हो रहा है। भारत आज अमेरिका और यूरोप से अधिक रेल इंजन बना रहा है और कई देशों को पैसेंजर ट्रेन और मेट्रो कोच का निर्यात कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके साथ ही तेज गति और आधुनिक ट्रेनों का एक व्यापक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिसका सबसे बड़ा लाभ गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को मिल रहा है। इससे न केवल अर्थव्यवस्था को लाभ हो रहा है, बल्कि युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार भी मिल रहा है।
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर पश्चिम बंगाल में चार बड़ी रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिनमें बालुरघाट और हिली के बीच नई रेल लाइन, न्यू जलपाईगुड़ी में माल ढुलाई रखरखाव की आधुनिक सुविधाएं, सिलीगुड़ी लोको शेड का उन्नयन, जलपाईगुड़ी में वंदे भारत ट्रेन रखरखाव सुविधाओं का आधुनिकीकरण शामिल है। उन्होंने न्यू कूचबिहार-बामनहाट और न्यू कूचबिहार-बोक्सिरहाट के बीच रेल लाइनों के विद्युतीकरण को राष्ट्र को समर्पित किया।
प्रधानमंत्री ने इसके अलावा वीडियो लिंक से चार नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। प्रधानमंत्री ने एलएचबी कोचों से लैस दो नई ट्रेन सेवाओं का भी शुभारंभ किया जो राधिकापुर – बेंगलुरु एक्सप्रेस और बालुरघाट –बेंगलुरु एक्सप्रेस हैं। ये ट्रेनें क्षेत्र के युवाओं, छात्रों और आईटी पेशेवरों को बेंगलुरु जैसे प्रमुख आईटी और रोजगार केंद्रों तक सीधी, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा कनेक्टिविटी प्रदान करेंगी।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-31 डी के धूपगुड़ी-फलकाता खंड की मरम्मत और चार-लेन बनाने के कार्य की आधारशिला रखी, जो क्षेत्रीय सड़क कनेक्टिविटी में महत्वपूर्ण सुधार करेगी और उत्तरी बंगाल में यात्रियों और माल की सुगम आवाजाही को सुविधाजनक बनाएगी।















