
देहरादून। उत्तरकाशी जिले का सीमावर्ती जादूंग गांव अब पर्यटन केंद्र के रूप में आबाद होगा। प्रदेश सरकार ने इस गांव के 23 परिवारों को पहाड़ी शैली के नए घर बनाने का निर्णय लिया है। पहले चरण में गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) ने छह घरों का निर्माण शुरू कर दिया है।
जादूंग, जो नेलांग घाटी के पास स्थित ऐतिहासिक गांव है, 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद खाली कर दिया गया था। अब इसे केंद्र सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत पुनर्जीवित किया जा रहा है। गांव में रहने और पर्यटन सुविधाओं को बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
पर्यटन विभाग के अनुसार, जादूंग गांव में 23 परिवारों के लिए घर बनाने की पहल की गई है, ताकि मूल निवासी वापस आकर बसें। पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने बताया कि गांव के मूल निवासियों के लौटने से स्थानीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। जीएमवीएन के माध्यम से यह कार्य पूरा किया जाएगा, जिससे जादूंग फिर से आबाद और पर्यटन के लिए आकर्षक बन जाएगा।
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