
देहरादून : उत्तराखंड में एक बार फिर बारिश ने कहर बरपाया है। रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और बागेश्वर में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। इस घटना के बाद कई लोगों के वहां फंसने एवं लापता होने की जानकारी है। प्रशासन लगातार रेस्क्यू आपरेशन चला रहा है। इसअभियान में अभी तक मलबे से चार शव बरामद बरामद किये जा चुके हैं। इनमें चमोली जिले के देवाल तहसील के मोपाटा गांव और बागेश्वर जिले के पंचायत पौसारी गांव में दाे-दाे शव मिले हैं। चमाली के छेनागाड़ बाजार में बाढ़ के पानी के साथ आए मलबे में दबे लोगों की तलाश चल रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और बागेश्वर में बादल फटने की से हुए नुकसान की जानकारी ली है और उन्होंने प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
चमोली के मुख्य विकास अधिकारी डॉ अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। जिले
के देवाल तहसील के मोपाटा गांव में बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इसी बीच जानकारी मिली है कि चमाेली जिले के देवाल तहसील के गांव
माेपाटा में बचाव दल ने मलबे में दबे दो लोगों के शव बरामद किए हैंं।
इसी तरह जनपद बागेश्वर में मध्य रात्रि तहसील कपकोट अन्तर्गत ग्राम पंचायत पौसारी में अतिवृष्टि के कारण लगभग पांच से छह आवासीय भवनों के क्षतिग्रस्त हुए हैं। यहां भी बचाव दल ने दो लोगों के शव बरामद किए है। यहां से तीन लोगों के लापता होने की सूचना है। एक व्यक्ति घायल हुआ है।
बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार काे अपने सरकारी आवास पर आपदा प्रबंधन की एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं। सड़क, विद्युत व पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में उन्हें तत्काल सुचारू किया जाए। उन्होंने बैठक के दाैरान ही वर्चुअली रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी और बागेश्वर के जिलाधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे मानसून सीजन तक शासन और प्रशासन अलर्ट मोड पर रहे। जिलाधिकारियों को आपदा राहत कार्यों के लिए जो भी आवश्यक संसाधन और सुविधाएं अपेक्षित हों, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रभावित परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा भी शीघ्र उपलब्ध कराया जाये।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख सचिव शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक एपी अंशुमान, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते आदि मौजूद रहे।