इस राज्य में शादी समारोह पर चाउमीन, मोमो व गोलगप्पे परोसने पर लगा बैन, डीजे भी नहीं बजा सकते

Uttarakhand : उत्तराखंड के विकासनगर क्षेत्र अंतर्गत सिलगांव खत के गांवों ने शादी-विवाह और सामाजिक आयोजनों को लेकर कड़े नियम लागू करने का बड़ा फैसला लिया है। समाज में बढ़ते खर्च, दिखावे और परंपराओं से हो रहे विचलन को रोकने के उद्देश्य से खतवासियों ने सर्वसम्मति से इन नियमों का निर्धारण किया है। ये सभी नियम जून 2026 से प्रभावी होंगे और इनके उल्लंघन पर भारी आर्थिक दंड लगाया जाएगा।

रविवार को सदर स्याणा तुलसी राम शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सिलगांव खत के गांवों के लोगों ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए। तय किया गया कि खत का कोई भी व्यक्ति अब विकासनगर या अन्य स्थानों पर स्थित वेडिंग प्वाइंट में शादी का आयोजन नहीं करेगा। यदि कोई ऐसा करता है, तो उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

गांव में भी लगेगा जुर्माना

इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि यदि कोई परिवार वेडिंग प्वाइंट में विवाह कर अपने गांव में पार्टी आयोजित करता है, तो उसमें केवल परिवार के सदस्य ही शामिल होंगे। यदि गांव के लोग इसमें भाग लेते हैं, तो संबंधित परिवार से एक लाख रुपये और गांव से 50 हजार रुपये का दंड वसूला जाएगा।

महिलाओं के आभूषण सीमित रहेंगे

शादी-विवाह, बिस्सू मेला और खत के त्योहारों में महिलाओं के आभूषणों को भी सीमित कर दिया गया है। महिलाएं केवल कान के झुमके, नाक की फूली, मंगलसूत्र, पायल और अंगूठी ही पहन सकेंगी। दहेज प्रथा पर रोक लगाते हुए तय किया गया कि दहेज में केवल पांच वस्तुएं दी जाएंगी: बंठा, परात, कटोरा, संदूक।

डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध

शादी समारोह में डीजे का प्रयोग पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। केवल माइक और पारंपरिक पहाड़ी बैंड-बाजे ही अनुमति प्राप्त होंगे। वहीं, विवाह में फास्ट फूड जैसे मोमो, चाउमीन, टिक्की, गोलगप्पे, फल पर पूर्ण रोक रहेगी। भोजन के बाद केवल रसगुल्ला या जलेबी परोसी जाएगी। बीयर पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा, जबकि शराब के साथ चखने के लिए खीरा, मूली, गाजर, मुर्गा और चना दी जा सकेगा।

रइणी भोज में महिलाओं को हिस्सा नहीं दिया जाएगा। भोज में शामिल महिलाओं को भोजन के बाद केवल आधा किलो मिठाई दी जाएगी। किसी भी प्रकार की धनराशि देने पर भी रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, किसी दुखद घटना के बाद महिलाओं का सगे संबंधी या रिश्तेदार के घर जाना भी प्रतिबंधित रहेगा।

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