US नेता ने ट्रंप से कहा- अमेरिका के लिए खतरा हैं भारतीय, देश से निकालने की मांग की

अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य के पाम बे शहर में भारतीय समुदाय के बीच विवाद पैदा करने वाले एक नेता पर भारी पड़ गया है। काउंसिल सदस्य चैंडलर लैंगविन ने भारत के खिलाफ भड़काऊ और विवादास्पद बयान दिए थे, जिसके बाद सिटी काउंसिल ने उन्हें 3-2 के वोट से सेंसर करने का निर्णय लिया है।

पिछले साल निर्वाचित हुए लैंगविन ने सोशल मीडिया पर भारतीय समुदाय के खिलाफ कई आक्रामक पोस्ट किए और भारत से अमेरिकी नागरिकों को बड़े पैमाने पर निर्वासित करने (mass deportation) की मांग की थी। द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, उनके इन बयानों ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय, कांग्रेस के कुछ सदस्यों और स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया था।

इसके परिणामस्वरूप, अब उन्हें काउंसिल के एजेंडे में बिना सहमति के कोई मुद्दा शामिल करने से रोका जाएगा। उन्हें कॉमेनट्स के दौरान बोलने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें समितियों से हटा दिया गया है।

लैंगविन ने क्या कहा था?

लैंगविन ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि, “एक भी भारतीय ऐसा नहीं है जो अमेरिका की परवाह करता हो।” उन्होंने ट्रंप से भारतीय वीजा रद्द करने की भी मांग की थी। साथ ही कहा था, “भारतीय मेल-मिलाप नहीं करते। वो हमारी जेबें खाली करने और अमीर होकर भारत लौटने के लिए आते हैं, या फिर यहीं रहने के लिए।”

इन टिप्पणियों के बाद, भारतीय समुदाय के सदस्य और भारतीय-अमेरिकी संगठन के प्रतिनिधि पाम बे सिटी काउंसिल की बैठक में पहुंचे और उनके इस्तीफे की मांग की।

द वॉशिंगटन पोस्ट से फोन पर बातचीत में, लैंगविन ने कहा कि उनका मकसद आव्रजन नीतियों पर चर्चा शुरू करना था। उन्होंने दावा किया कि वह पहले भी रिपब्लिकन नेताओं में से हैं जिन्होंने कड़ा ट्वीट किया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उन्होंने शहर के खिलाफ मुकदमा भी दायर किया है, और उनका तर्क है कि उन्हें राजनीतिक असहमति के कारण चुप कराया जा रहा है, जो कि पहले संशोधन (1st Amendment) के अधिकारों का उल्लंघन है।

काउंसिल बैठक में मेयर रॉब मेडिना ने कहा, “यह देश प्रवासियों पर आधारित है। हम सभी अमेरिकी झंडे के उसी ताने-बाने का हिस्सा हैं।”

वहीं, लैंगविन का कहना है कि फ्लोरिडा के गवर्नर उन्हें पद से नहीं हटाएंगे, और राज्य की एथिक्स कमिशन ने उनकी शिकायत को खारिज कर दिया है। दूसरी ओर, भारतीय समुदाय और संबंधित संगठनों का जोर है कि उन्हें पद से इस्तीफा देना चाहिए।

अमेरिका में स्थित एडवोकेसी समूह Hindus for Human Rights ने फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डीसैंटिस को पत्र लिखकर पाम बे काउंसिल सदस्य चैंडलर लैंगविन को पद से हटाने की मांग की है। यह मामला फ्लोरिडा में भारतीय-अमेरिकी समुदाय में गुस्सा और चिंता दोनों को बढ़ा रहा है, और गवर्नर पर दबाव बन रहा है कि वह इस विवाद में हस्तक्षेप करें।

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