UP Weather : यूपी में कैसे बदला मौसम? नोएडा में बारिश तो मथुरा में गिरे ओले, इन जिलों में बढ़ी ठंड

UP Weather : नोएडा और ग्रेटर नोएडा में शुक्रवार की सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने मौसम का मिज़ाज पूरी तरह से बदल दिया है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठिठुरन बढ़ गई है, लेकिन प्रदूषण और खराब वायु गुणवत्ता से राहत अभी दूर है। हल्की बारिश के बावजूद हवा अभी भी पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है, जिससे आम लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है।

सुबह से हो रही बूंदाबांदी के चलते वातावरण में नमी का स्तर बढ़ गया है। न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है, जिससे सर्दी का असर तेज हो गया है। लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं। बारिश की वजह से सुबह के समय ऑफिस और रोजमर्रा के कामकाज में निकले लोगों को ठंडी हवाओं का सामना करना पड़ा, और सड़कें फिसलन भरी हो गई हैं, जिससे ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही।

AQI से राहत की उम्मीद धुंधली

बारिश शुरू होते ही लोगों को उम्मीद थी कि प्रदूषण और स्मॉग से कुछ राहत मिलेगी, पर हल्की बारिश प्रदूषण को पूरी तरह खत्म करने में असमर्थ साबित हुई है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के विभिन्न इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अभी भी बहुत खराब से खराब श्रेणी में बना हुआ है। शुक्रवार सुबह नोएडा का AQI 349 दर्ज किया गया, जबकि ग्रेटर नोएडा का AQI 339 रहा। ये आंकड़े स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे दर्शाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि जब हल्की बारिश और कम हवा की रफ्तार होती है, तो प्रदूषण के सूक्ष्म कण हवा में ही फंसे रहते हैं। इस कारण, बारिश के बावजूद हवा साफ नहीं हो पा रही है और स्मॉग की स्थिति बनी हुई है। सुबह के समय कई इलाकों में हल्की धुंध और प्रदूषण की परत देखने को मिली, जिससे दृश्यता भी प्रभावित हुई।

बारिश, ठंड और प्रदूषण के इस संयोजन का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों पर हो रहा है। अस्पतालों में खांसी, जुकाम, गले में खराश और सांस संबंधी परेशानियों में इजाफा हो रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि सर्दियों के मौसम में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, और यदि इसी समय प्रदूषण का स्तर भी उच्च रहता है, तो बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

ऐसे में जरूरी है कि लोग सतर्क रहें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सुझाव है कि बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक बाहर निकलने से बचाव करना चाहिए। सांस की समस्या से पीड़ित लोग मास्क का प्रयोग करें, ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें और ठंडी हवा के सीधे संपर्क से बचें। सुबह-शाम की सैर फिलहाल टाल देना ही बेहतर विकल्प है।

आगे का मौसम कैसा रहेगा?

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में हल्की बूंदाबांदी या बारिश की संभावना बनी हुई है। तापमान में और गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड और भी बढ़ जाएगी। हालांकि, जब तक तेज हवाएं या अच्छी बारिश नहीं होती, तब तक प्रदूषण से पूरी राहत मिलना मुश्किल है।

मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र कुमार एसजी के अनुसार, पश्चिमी यूपी में कहीं-कहीं बारिश की संभावना है, लेकिन दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हल्की बूंदाबांदी और बादल छाने का अनुमान है। खासतौर पर सुबह और देर रात के समय मौसम में बदलाव के आसार हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, हवा की रफ्तार फिलहाल बहुत कम है। जब तक तेज हवाएं नहीं चलेंगी या लगातार अच्छी बारिश नहीं होगी, तब तक प्रदूषण के कण वातावरण में ही फंसे रहेंगे। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे ही पश्चिमी हवाओं में नमी सक्रिय होगी, वातावरण में नमी बढ़ेगी, तापमान गिरेगा और ठंडी हवाओं का प्रवाह शुरू हो जाएगा, जिससे मौसम का मिज़ाज अचानक बदल सकता है।

पिछले दिनों शुष्क मौसम के बाद, पश्चिमी हवाओं के पहुंचने से बादल छाए और हल्की बारिश शुरू हो गई है, जिससे लोगों को तेज सर्दी का अहसास हो रहा है। विशेषज्ञ का कहना है कि इन बदलावों की सामान्य प्रकृति है, लेकिन अभी हवा की रफ्तार बहुत कम होने के कारण, प्रदूषण का स्तर अभी भी उच्च ही बना हुआ है।

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