
UP Water contaminated : उत्तर प्रदेश में भूजल में फ्लोराइड और आर्सेनिक की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। 2019 के सर्वेक्षण के अनुसार, प्रदेश के 63 जिलों में फ्लोराइड का स्तर मानक से अधिक पाया गया है, जबकि 25 जिलों में आर्सेनिक की मात्रा भी मानक से ऊपर है। इसके अलावा, 18 जिलों में दोनों ही खतरनाक तत्व मौजूद हैं। इससे पहले, वर्ष 2016 से पहले केवल 10 जिले ही फ्लोराइड प्रभावित थे।
राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि लोकसभा में इस मुद्दे को बार-बार उठाने के बावजूद अभी तक स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। वर्तमान में, प्रभावित जिलों की संख्या बढ़कर 63 हो गई है, जहां पानी में फ्लोराइड का स्तर तीन पीपीएम (पार्ट पर मिलियन) तक है, जो मानक से अधिक है। वहीं, आर्सेनिक वाली जल स्रोतों की संख्या 25 जिलों में है।
इसके अतिरिक्त, 18 जिले ऐसे हैं जहां दोनों ही तत्व- फ्लोराइड और आर्सेनिक एक साथ भूजल में पाए गए हैं। ये आंकड़े भी पूरे प्रदेश में चिंता का विषय हैं।
वर्ष 2009-10 में शुरू हुए राष्ट्रीय फ्लोरोसिस रोकथाम एवं नियंत्रण मिशन के तहत कई जिलों में फ्लोराइड की रोकथाम के प्रयास किए गए। इनमें उन्नाव, रायबरेली, फिरोजाबाद, मथुरा, प्रतापगढ़ जैसे जिले शामिल हैं। इस दौरान, वाराणसी, गाजीपुर, झांसी, सोनभद्र, आगरा जैसे क्षेत्रों में भी भूजल में फ्लोराइड का स्तर मानक से ऊपर पाया गया।
इन जिलों में स्वच्छ पानी के लिए विशेष अभियान चलाए गए, और ऐसे हैंडपंप पर लाल निशान लगाकर पानी लेने पर रोक भी लगाई गई, जहां फ्लोराइड की मात्रा अधिक थी। हालांकि, इन प्रयासों का बहुत अधिक फायदा नहीं हुआ।
केंद्र सरकार के निर्देशानुसार, वर्ष 2016 में एक व्यापक सर्वेक्षण किया गया था, जिसमें पता चला कि प्रदेश के कई जिलों में फ्लोराइड और आर्सेनिक का खतरा बढ़ गया है। वर्ष 2019 में पूरे प्रदेश का फिर से सर्वे किया गया, जिसमें यह जानकारी मिली कि प्रभावित जिलों की संख्या कई गुना बढ़ गई है।
जन सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी में, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन ने उन जिलों के नाम साझा किए हैं, जहां भूजल में खतरे की मात्रा अधिक है।
फ्लोराइड से प्रभावित जिले
आगरा, अलीगढ़, अंबेडकर नगर, अमेठी, औरैया, बागपत, बहराइच, बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, बिजनौर, बदायूं, बुलंदशहर, चंदौली, चित्रकूट, एटा, इटावा, अयोध्या, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, फिरोजाबाद, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, गाजीपुर, गोंडा, हमीरपुर, हापुड़, हरदोई, जालौन, जौनपुर, झांसी, ज्योतिबा फुले नगर, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कासगंज, कौशांबी, लखीमपुर खीरी, लखनऊ, ललितपुर, हाथरस, महाराजगंज, महोबा, मैनपुरी, मथुरा, मेरठ, मीरजापुर, मुजफ्फरनगर, प्रतापगढ़, रायबरेली, रामपुर, सहारनपुर, संभल, संत कबीर नगर, भदोही, शाहजहांपुर, शामली, श्रावस्ती, सीतापुर, सोनभद्र, सुलतानपुर, उन्नाव, वाराणसी।
आर्सेनिक से प्रभावित जिले
आगरा, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, देवरिया, इटावा, अयोध्या, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, जौनपुर, अमरोहा, कुशीनगर, लखनऊ, महाराजगंज, मथुरा, मीरजापुर, पीलीभीत, संतकबीर नगर, शाहजहांपुर, सिद्धार्थ नगर, सीतापुर, उन्नाव।
फ्लोराइड व आर्सेनिक दोनों से प्रभावित जिले
अलीगढ़, बहराइच, बाराबंकी, इटावा, गाजीपुर, गोंडा, जौनपुर, झांसी, अमरोहा, लखीमपुर खीरी, लखनऊ, महाराजगंज, मथुरा, मीरजापुर, संत कबीर नगर, सहारनपुर, सोनभद्र, उन्नाव।
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