
UP SIR Draft Voter List : उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होते ही राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए चुनाव आयोग से अपील की कि मैनपुरी में SIR के दौरान कटे वैध मतदाताओं के नामों पर तत्काल संज्ञान लिया जाए, ताकि मतदाताओं का रोष आंदोलन का रूप न ले। वहीं सपा प्रवक्ता मनोज काका ने कहा कि उम्मीद है चुनाव आयोग राजनीतिक दलों के साथ-साथ मतदाताओं के साथ भी न्याय करेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन शहरों में बीजेपी को बड़ी जीत मिली थी, अगर वहीं बड़ी संख्या में वोट कटे हैं तो यह भी जांच का विषय है कि कहीं फर्जी वोटों से तो जीत दर्ज नहीं की गई थी।

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के आंकड़ों के अनुसार मुजफ्फरनगर में SIR के बाद करीब 3.44 लाख मतदाताओं के नाम हटने तय माने जा रहे हैं। जिले में अब तक 83.69 प्रतिशत SIR पूरा हो चुका है। इसमें 85 हजार मतदाता मृत या डुप्लीकेट पाए गए हैं, जबकि 2.59 लाख मतदाताओं के फॉर्म अपलोड नहीं हो सके। जिले की छह विधानसभा सीटों में कुल करीब 21.12 लाख मतदाता हैं, जिनमें SIR के दौरान 57,261 मृत और 27,782 डुप्लीकेट मतदाता पाए गए।
इस बीच यूपी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने SIR प्रक्रिया पर संतोष जताते हुए कहा कि जो मतदाता गांवों में शिफ्ट हुए हैं, वे वहीं जाकर बीजेपी-एनडीए को जीत दिलाएंगे। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के नेता रविदास मेहरोत्रा ने आरोप लगाया कि SIR लागू होने के बाद प्रदेश में 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए, जबकि नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया बेहद सीमित रही। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का दायित्व हर पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल करना है, लेकिन बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने से गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

ड्राफ्ट लिस्ट के मुताबिक कई लोकसभा क्षेत्रों में भारी संख्या में वोट कटे हैं। सहारनपुर में लगभग 3 लाख, कैराना में 2.69 लाख, मुरादाबाद और रामपुर में करीब 3-3 लाख, संभल में 2.90 लाख, मेरठ में करीब 5 लाख और गाजियाबाद में लगभग 8.16 लाख वोट कटे हैं। वहीं अमेठी में 2.67 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। यहां SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाता शिफ्टेड, मृत या अनुपस्थित पाए गए, जबकि 1.08 लाख से अधिक मतदाता ‘नो मैपिंग’ श्रेणी में आए हैं, जिनको पुलिस नोटिस भेजे जाने की तैयारी है।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची की प्रतियां सभी राजनीतिक दलों को दे दी गई हैं। उन्होंने कहा कि एक पोलिंग स्टेशन पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे, इसके लिए नए पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। प्रदेश में 15 हजार से ज्यादा नए पोलिंग स्टेशन बने हैं और कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 15 करोड़ है।
चुनाव आयोग के अनुसार ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से उन लोगों के नाम हटाए गए हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जो दूसरे जिले या राज्य में शिफ्ट हो गए हैं, जिनके वोट दो स्थानों पर दर्ज पाए गए हैं या जिन्होंने गणना प्रपत्र (Enumeration Form) नहीं भरा। सबसे बड़ी संख्या करीब 1.25 करोड़ ऐसे मतदाताओं की है जो अपने पुराने पते से शिफ्ट हो चुके हैं। इसके अलावा लगभग 80 लाख मतदाताओं का कोई स्पष्ट पता नहीं चला, करीब 46 लाख मृतक पाए गए और लगभग 25 लाख डुप्लीकेट वोटर सामने आए हैं।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपना नाम जांचने के लिए मतदाता चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाकर विवरण भर सकते हैं। जिन मतदाताओं का नाम सूची में नहीं है, वे 6 फरवरी तक ऑनलाइन या संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के पास जाकर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
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