UP: आगरा के ट्रांसपोर्ट कारोबारी की पीट-पीटकर हत्या, लेनदेन के विवाद में साझेदार ने भाई और बेटों संग मिलकर उतारा मौत के घाट

आगरा : उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में रविवार को एक सनसनीखेज वारदात सामने आई, जहां एक ट्रांसपोर्ट कारोबारी की उसके ही साझेदार ने अपने बेटों और भाई के साथ मिलकर पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के पीछे लंबे समय से चला आ रहा व्यापारिक विवाद बताया जा रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में टीमें गठित की गई हैं।

आगरा के हाथीघाट निवासी ट्रांसपोर्ट कारोबारी बालमुकुंद दुबे रविवार तड़के माल से लदे ट्रक को फिरोजाबाद के ककरऊ कोठी स्थित ऑल इंडिया ट्रांसपोर्ट कंपनी के गोदाम पर अनलोड कराने पहुंचे थे। उनके साथ ट्रक चालक सुभाष और दोस्त शंकर भी मौजूद थे। इसी दौरान बालमुकुंद के साझेदार गजेंद्र सिंह अपने बेटों नितिन, अंकुर और भाई पिंटू के साथ वहां पहुंचे और बालमुकुंद के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद उन्हें जबरन जैन मंदिर के पास स्थित जय मां भवानी ट्रांसपोर्ट कंपनी के कार्यालय ले जाया गया, जहां दोबारा बेरहमी से पीटा गया।

गंभीर रूप से घायल बालमुकुंद को उनके दोस्त शंकर ने मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, मृतक के शरीर पर किसी तरह की खुली चोट नहीं पाई गई है, लेकिन पैरों में गंभीर सूजन और अंदरूनी चोट के निशान मिले हैं। आशंका है कि लाठी-डंडों से पैरों पर किए गए वार के कारण अंदरूनी रक्तस्राव हुआ, जिससे उनकी मौत हो गई।

मृतक की पत्नी रूपम दुबे की तहरीर पर चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पति और गजेंद्र सिंह पिछले 30 वर्षों से साझेदार थे, लेकिन हाल के दिनों में पैसों को लेकर विवाद बढ़ गया था। गजेंद्र पर आरोप है कि वह कमाई का बड़ा हिस्सा खुद रख लेता था, जिससे तनाव गहरा गया।

बालमुकुंद के परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां और एक बेटा है। हत्या के बाद पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है और मामले की गहन विवेचना जारी है।

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