
Unnao Rape Case : उत्तर प्रदेश के उन्नाव रेप केस मामले में नए तथ्य सामने आए हैं, जो इस जटिल एवं संवेदनशील मामले को और भी पेचीदा बना रहे हैं। यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है, और दिल्ली हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक सुनवाई चल रही है। अदालत ही अंतिम और प्रामाणिक फैसला करेगी कि सत्य क्या है और झूठ क्या।
हालांकि, हाल ही में सामने आए एक ऑडियो क्लिप ने पूरे मामले में नई हलचल पैदा कर दी है। इस ऑडियो में कथित तौर पर लड़की और उसके रिश्तेदार (चाचा) की आवाजें सुनाई दे रही हैं। TV9 भारतवर्ष इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता, न ही यह साबित करता है कि उसमें जिन दो व्यक्तियों के बीच बातचीत हो रही है, वे वही हैं जिनका मामला अदालतों में विचाराधीन है।
ऑडियो में दावा किया जा रहा है कि यह लड़की और उसके चाचा के बीच की बातचीत है। इसमें लड़की से कहा जा रहा है कि वह अपने प्राइवेट पार्ट पर खरोंच के निशान बना ले, ताकि मेडिकल रिपोर्ट में झूठा बयान दिया जा सके। बातचीत में यह भी कहा गया है कि जब मेडिकल रिपोर्ट में बात करनी हो, तो यह कहना कि यहां हाथ मारा, वहां हाथ मारा, ताकि झूठे निशान दिखाए जा सकें।
वायरल ऑडियो में पीड़िता और उसके चाचा के बीच क्या हुई बातचीत…
- पीड़िता: हेलो
- चाचा: हां
- पीड़िता: वो कह रहे हैं कि डॉक्टरी करवा लो, रिपोर्ट लेकर आओ
- चाचा: क्यों? रिपोर्ट नहीं लिखी क्या अभी?
- पीड़िता: नहीं, अभी नहीं लिखी, टाइम लग रहा है
- चाचा: क्या टाइम लग रहा है? तुम तो कह रही थी कंप्यूटर में टाइप कर रहे हैं
- पीड़िता: हां, वही कर रहे हैं, बस टाइम लग रहा है
- चाचा: पहले FIR करा लो, गाड़ी मंगा रखी है, तब तक FIR लिखो
- पीड़िता: गाड़ी तो यहां भी मंगा ली
- चाचा: कौन?
- पीड़िता: टेंपो आई है
- चाचा: टेंपो से नहीं जाएंगे, हमारी खुद की गाड़ी आ रही है
- पीड़िता: उतर जाओ, हमारी गाड़ी आ रही है
- चाचा: कौन है तुम्हारे पास?
- पीड़िता: अम्मा हैं बस
- चाचा: अंदरूनी पार्ट्स पर खरोंच मार लो, ताकि मेडिकल में झूठा बयान दे सको
- पीड़िता: ठीक, ठीक
- चाचा: यही बयान देना है, सारे लोग यही बताएंगे
- पीड़िता: ठीक, ठीक
- चाचा: फोन मिलाओ, उन्नाव पहुंचो, वहां गाड़ी आ जाएगी
पीड़िता और चाचा के बीच की बातचीत का ऑडियो सामने आने के बाद उन्नाव रेप केस में बड़ा मोड़ आ सकता है। हालांकि ये जांच का विषय है कि यह ऑडियो कितना सत्यापित है। फिलहाल, इस ऑडियो क्लिप के आधार पर यह कहा जा रहा है कि पीड़िता को धमकाया गया या झूठे बयान देने के लिए प्रेरित किया गया।
बता दें कि यह मामला 2017 में हुई रेप की घटना से जुड़ा है, जिसमें पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी ठहराते हुए कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सेंगर ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिसने 23 दिसंबर को दोषसिद्धि पर रोक लगाते हुए जमानत दी। सीबीआई ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, और इस पर सुनवाई 20 जनवरी के बाद तय की गई है।










