Uk News :  फार्मासिस्ट भर्ती पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

नैनीताल : उत्तराखंड हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि राज्य में फार्मासिस्ट पदों पर भर्ती के लिए केवल डिप्लोमा इन फार्मेसी (D. Pharma) को ही मान्य शैक्षिक योग्यता माना जाएगा। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा सेवा नियमों के अनुसार बी.फार्मा डिग्रीधारक उम्मीदवार आवेदन के पात्र नहीं हैं।
न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ में हुई सुनवाई के दौरान बी.फार्मा डिग्रीधारकों ने तर्क दिया कि वे उच्च योग्यता रखते हैं, इसलिए उन्हें अवसर दिया जाना चाहिए। हालांकि कोर्ट ने याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि भर्ती की योग्यता तय करना नीति का विषय है। जब तक नियमों में संशोधन नहीं होता, केवल डी.फार्मा धारक और राज्य फार्मेसी काउंसिल में पंजीकृत उम्मीदवार ही मान्य होंगे। बी.फार्मा अभ्यर्थी भविष्य में नियम बदलने पर लाभ ले सकते हैं।

नर्सिंग ऑफिसर भर्ती में अभ्यर्थियों को राहत

हाईकोर्ट ने नर्सिंग ऑफिसर भर्ती से जुड़ी याचिकाओं पर अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने आदेश दिया कि 11 मार्च 2024 को जारी विज्ञापन के तहत आयु सीमा निर्धारण के लिए आधार तिथि 1 जुलाई 2020 मानी जाएगी, न कि 1 जुलाई 2023।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उन्होंने 2020 और 2021 के विज्ञापनों के आधार पर आवेदन किया था और उस समय वे योग्य थे। लेकिन भर्ती प्रक्रिया में देरी और नियमों के बदलाव के कारण वे ओवरएज हो गए। कोर्ट ने माना कि इसमें अभ्यर्थियों की गलती नहीं थी, बल्कि भर्ती एजेंसियों की लापरवाही के कारण उनकी आयु सीमा प्रभावित हुई।

परिणाम घोषित करने का निर्देश

हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि उत्तराखंड मेडिकल सर्विस सेलेक्शन बोर्ड अब भर्ती परीक्षा में शामिल सभी याचिकाकर्ताओं के परिणाम घोषित करे। गौरतलब है कि कोर्ट ने पहले अंतरिम आदेश के तहत अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी थी, लेकिन परिणाम रोक दिए गए थे।
यह फैसला न सिर्फ नर्सिंग ऑफिसर अभ्यर्थियों को राहत देगा बल्कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों के लिए मिसाल भी बनेगा। कोर्ट ने सरकार और चयन बोर्ड को समय पर भर्तियां पूरी करने की जिम्मेदारी भी सौंपी है ताकि युवाओं को आयु सीमा संबंधी दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

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