
धर्मशाला। धर्मशाला कालेज छात्रा मौत के मामले की जांच के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा गठित तथ्य-खोज समिति मंगलवार को धर्मशाला पहुंची और कॉलेज का दौरा किया। छात्रा की 26 दिसंबर को हुई मौत के बाद इस मामले ने तूल पकड़ा था। इसके पश्चात एक जनवरी को सरकारी कॉलेज की तीन छात्राओं के खिलाफ रैगिंग के आरोपों में तथा एक प्रोफेसर के खिलाफ शारीरिक उत्पीड़न के आरोप में मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद यूजीसी ने इस प्रकरण का संज्ञान लिया।
यूजीसी की पांच सदस्यीय तथ्य-खोज समिति का नेतृत्व प्रो. राज कुमार मित्तल कर रहे हैं, जो गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय नई दिल्ली में प्रोफेसर हैं। समिति में यूजीसी की पूर्व आयोग सदस्य प्रो. सुषमा यादव, गुजरात विश्वविद्यालय, अहमदाबाद की कुलपति डॉ. नीरजा गुप्ता, पांडिचेरी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी. प्रकाश बाबू तथा यूजीसी की संयुक्त सचिव डॉ. सुनीता सिवाच शामिल हैं। यह तथ्य-खोज समिति 8 जनवरी तक तीन दिवसीय दौरे पर धर्मशाला में रहेगी। इस दौरान समिति कॉलेज प्रशासन, विद्यार्थियों और अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाएगी और अपनी रिपोर्ट यूजीसी को सौंपेगी।















