
New Delhi : पूर्वी जिले के न्यू अशोक नगर थाना पुलिस ने लूट–सह–चाकूबाजी के मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपित को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपित के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया है। जांच के दौरान मामले में हैरान करने वाला मोड़ सामने आया, जब कथित पीड़ित ही पोक्सो अपराध में दोषी पाया गया, जबकि नाबालिग गवाह साजिशकर्ता के रूप में सामने आया।
पूर्वी जिले के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अभिषेक धानिया ने मंगलवार को बताया कि घटना दो जनवरी की रात की है, जब कोंडली पुल के पास चाकूबाजी में गंभीर रूप से घायल जय प्रकाश 32 को लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत नाजुक होने पर उसे एम्स ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। पेट और पीठ पर गहरे घाव पाए जाने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि पीड़ित के असहयोग के चलते पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों पर भरोसा किया। करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर पुलिस को अहम सुराग मिले। फुटेज में जय प्रकाश एक नाबालिग को साइकिल पर बैठाकर दल्लूपुरा की ओर जाता दिखा, जबकि कुछ देर बाद वह अकेले और घायल अवस्था में लौटता नजर आया। पुलिस ने नाबालिग की पहचान कर माता-पिता की मौजूदगी में पूछताछ की।
शुरुआती बयान में उसने किसी अज्ञात बदमाश द्वारा लूट और चाकूबाजी की कहानी सुनाई, लेकिन बयान में लगातार विरोधाभास पाए गए। इसके बाद स्थानीय सूचना तंत्र मजबूत किया गया, जिससे कोंडली निवासी देवराज उर्फ जग्गू का नाम सामने आया। पुलिस ने छापेमारी कर देवराज उर्फ जग्गू को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने नाबालिग के साथ मिलकर लूट–सह–चाकूबाजी की साजिश रचने की बात कबूल की। आरोपित ने बताया कि पीड़ित जय प्रकाश नाबालिग का कथित तौर पर यौन शोषण करता था।
इसी रंजिश में बदला लेने के लिए वारदात को अंजाम दिया गया और लूट को महज दिखावे के तौर पर रखा गया। पुलिस ने आरोपित की निशानदेही पर लूटा गया मोबाइल फोन और चाकू बरामद किया है। जांच के दौरान नाबालिग ने अपने साथ हुए यौन शोषण की जानकारी दी, जिसके बाद पीड़ित जय प्रकाश के खिलाफ भी पोक्सो एक्ट के तहत अलग से मामला दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे की जांच जारी है।













