
धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा अवसर आने जा रहा है जब राज्य की दो महिला क्रिकेटर वनडे विश्वकप के फाइनल में खेलती नजर आएंगी। प्रदेश की तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर और बल्लेबाज हरलीन दयोल इस समय महिला वनडे विश्वकप में भारतीय टीम का अहम हिस्सा हैं। इन दोनों खिलाड़ियों ने न केवल हिमाचल का नाम रोशन किया है, बल्कि अपने शानदार प्रदर्शन से राज्य के खेल इतिहास में नया अध्याय जोड़ा है।
अब तक हिमाचल प्रदेश का कोई भी खिलाड़ी वनडे क्रिकेट विश्वकप में नहीं खेला था, लेकिन इस बार दो हिमाचली बेटियों ने यह रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बल्लेबाज हरलीन दयोल ने टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अब तक खेले गए पांच मुकाबलों में 169 रन बनाए हैं। श्रीलंका के खिलाफ पहले मैच में उन्होंने 48 रन की पारी खेली थी, जबकि पाकिस्तान के खिलाफ 46 रन बनाए। उनका निरंतर प्रदर्शन टीम के लिए महत्वपूर्ण रहा है।
वहीं, तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर ने भी अपनी सटीक और किफायती गेंदबाजी से टीम में अहम योगदान दिया है। हालांकि उन्हें विकेट हासिल करने में कुछ संघर्ष करना पड़ा, लेकिन पांच मैचों में तीन विकेट लेकर उन्होंने टीम के लिए उपयोगी भूमिका निभाई है। न्यूजीलैंड के खिलाफ लीग मैच में रेणुका ने विपक्षी टीम की कप्तान को बोल्ड कर भारत की जीत सुनिश्चित की थी।
अब नजरें 2 नवंबर को होने वाले वनडे विश्वकप फाइनल पर टिकी हैं, जहां उम्मीद की जा रही है कि दोनों हिमाचली खिलाड़ी प्लेइंग इलेवन में शामिल होंगी और देश को विश्व विजेता बनाने में अहम योगदान देंगी।
हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) के सचिव अवनीश परमार ने कहा कि यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा, “दोनों खिलाड़ी शानदार फॉर्म में हैं और हमें विश्वास है कि फाइनल में वे देश के लिए शानदार प्रदर्शन करेंगी।”










