
वॉशिंगटन डीसी : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक और टैरिफ बम फोड़ दिया है। इस बार उन्होंने ईरान पर दबाव बनाने के लिए टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा है कि ये टैरिफ उन देशों पर लगाया जाएगा, जो ईरान के साथ व्यापार करेंगे। उनके इस कदम को ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की कोशिश के तहत देखा जा रहा है।
दरअसल, ईरान में दो हफ्ते से भी ज्यादा समय से हिंसक विरोध प्रदर्शन जारी हैं। राजधानी तेहरान समेत देशभर में सरकार के खिलाफ बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ट्रंप बार-बार ईरान सरकार को प्रदर्शनों में हस्तक्षेप की धमकी दे रहे हैं।
ट्रंप ने 25% टैरिफ लगाने का किया ऐलान
इस बीच अब उन्होंने ये टैरिफ लगाने का ऐलान किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर एक पोस्ट के जरिए उन्होंने इसकी जानकारी की।
ट्रंप ने लिखा, “जो भी देश इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ बिजनेस कर रहा है, उसे अमेरिका के साथ किए जाने वाले सभी व्यापार पर 25% टैरिफ देना होगा।” उन्होंने बताया कि यह फैसला तुरंत लागू होगा। यह आदेश अंतिम और निर्णायक है।
भारत पर पड़ेगा असर?
ट्रंप ने ये टैरिफ न केवल ईरान पर आर्थिक दबाव बनाने के लिए लगाया है। साथ ही वो उन देशों को भी चेता रहे हैं, जो ईरान से संबंध बनाए हुए हैं। बताया जाता है कि ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में भारत, चीन, तुर्की और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश शामिल हैं।
ऐसे में ट्रंप का ये फैसले का असर भारत पर भी पड़ सकता है। ईरान को भारत चावल, चाय, शक्कर, दवाएं, इलेक्ट्रिकल मशीनरी, आर्टिफिशियल ज्वेलरी समेत कई चीजें निर्यात करता है। वहीं, ईरान से भारत सूखे मेवे, इनऑर्गेनिक/ऑर्गेनिक केमिकल, कांच का सामान आदि चीजें आयात करता है।
ईरान में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
दिसंबर के अंत में शुरू हुए विरोधी प्रदर्शन ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए चुनौती बन गए हैं। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इन प्रदर्शनों में 600 से ज्यादा लोगों की मौत की खबरें हैं। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रदर्शनकारियों के समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं।
ट्रंप ने कई बार कहा है कि अगर इस्लामिक रिपब्लिक सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जानलेवा बल का इस्तेमाल करती है, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।















