दिल्ली-एनसीआर में जहरीली हवा का संकट बरकरार

New Delhi : दिल्ली-एनसीआर में जहरीली हवा का संकट बरकरार है। दिल्ली में शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) औसतन 305 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में माना जाता है। अगले कुछ दिनों तक इसमें सुधार होने की कोई संभावना नहीं है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, दिल्ली के कई इलाकों में शाम 4 बजे एक्यूआई बेहद खतरनाक स्तर पर रहा। आनंद विहार इलाके में एक्यूआई 326, अशोक विहार में 319, चांदनी चौक में 312, द्वारका सेक्टर-6 में 332 दर्ज किया गया। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा क्षेत्र में एक्यूआई औसतन 257 रहा। यहां पीएम-2.5 पर अधिकतम एक्यूआई 326 और पीएम-10 पर अधिकतम 288 दर्ज किया गया। आईटीओ में एक्यूआई 321, आरके पुरम में 331, सोनिया विहार में एक्यूआई 319 दर्ज किया गया।

एनसीआर के शहरों में भी प्रदूषण का स्तर चिंताजनक है। बहादुरगढ़ में एक्यूआई 322, चरखी दादरी में 304, नोएडा में 310, सोनीपत में 329 और दिल्ली के आसपास के कई इलाकों में बहुत खराब स्थिति रही। ग्रेटर नोएडा में एक्यूआई 288, गाजियाबाद में 299, गुरुग्राम में 262 और फरीदाबाद में 212 दर्ज हुआ, जो खराब श्रेणी में आता है।

मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में हवा पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा से 9.3 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली, जो प्रदूषकों के फैलाव के लिए अपर्याप्त रही। तापमान में गिरावट और हवा की धीमी गति के कारण अगले दिनों में भी प्रदूषण में किसी बड़े सुधार की संभावना नहीं है। 30 नवंबर को आंशिक बादल और सुबह हल्का कोहरा रहेगा। अधिकतम तापमान 23–25 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 8–10 डिग्री सेल्सियस होगा। सुबह हवा शांत रहेगी, बाद में गति 10 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

सीपीसीबी के मानदंडों के अनुसार, एक्यूआई 0 से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में कुल वायु प्रदूषण में वाहनों की हिस्सेदारी 20.45 फीसदी है। पराली जलाने से 1.97 फीसदी, निर्माण एवं ध्वंस गतिविधियों से 3.10 फीसदी और आवासीय क्षेत्रों से 5.30 फीसदी तक का योगदान होता है।

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