
New Delhi : घरेलू सर्राफा बाजार में आज चांदी के भाव में मामूली गिरावट का रुख नजर आ रहा है। आज देश के अलग-अलग सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत में 100 रुपये से लेकर 1,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक की कमजोरी दर्ज की गई है। कीमत में आई इस गिरावट के बावजूद चेन्नई और हैदराबाद में ये चमकीली धातु अभी भी 2.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर के ऊपर बनी हुई है। देश के अलग अलग सर्राफा बाजारों में आज चांदी 2,40,700 रुपये प्रति किलोग्राम से लेकर 2,56,900 रुपये प्रति किलोग्राम तक के भाव पर बिक रही है।
दिल्ली में आज चांदी की कीमत 100 रुपये की गिरावट के कारण 2,40,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। इसी तरह मुंबई, अहमदाबाद और कोलकाता में चांदी 2,40,700 रुपये के भाव पर कारोबार कर रही है। जबकि जयपुर, सूरत और पुणे में चांदी 2,41,000 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बनी हुई है। वहीं बेंगलुरु में चांदी 2,41,200 रुपये के स्तर पर और पटना तथा भुवनेश्वर में 2,40,800 प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है।
इसके अलावा हैदराबाद में चांदी 1,000 रुपये सस्ती होकर 2,56,800 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रही है। देश में चांदी की सबसे अधिक कीमत आज भी चेन्नई में है, जहां ये चमकीली धातु आज 1,000 रुपये कमजोर होकर 2,56,900 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है।
पिछले आठ दिनों के दौरान चेन्नई में चांदी की कीमत अपने शीर्ष स्तर से 18 हजार रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक गिर चुकी है। 28 दिसंबर को चेन्नई में चांदी की कीमत 2,75,000 हजार रुपये प्रति किलो के शीर्ष स्तर पर पहुंच गई थी।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि चांदी की कीमत में आई जोरदार तेजी और उसके बाद हुई मुनाफा वसूली का दौर अगले कुछ दिन तक जारी रह सकता है। टीएनवी फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ तारकेश्वर नाथ वैष्णव के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिलहाल चांदी में कंसोलिडेशन का रुख बना हुआ है। इसलिए अगले कुछ दिन तक ये चमकीली धातु सीमित दायरे में कारोबार करती हुई नजर आ सकती है। हालांकि पिछले एक साल के दौरान जिस तरह से इसकी औद्योगिक क्षेत्र में, खासकर सोलर पैनल और ग्रीन एनर्जी से जुड़े उद्योगों में मांग बढ़ी है, उसके कारण चांदी की कीमत कुछ समय बाद एक बार फिर रफ्तार पकड़ सकती है।
तारकेश्वर नाथ वैष्णव का ये भी कहना है कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच के तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी के भाव पर असर पड़ सकता है। अगर ये तनाव बढ़ा तो सेफ इनवेस्टमेंट इंस्ट्रुमेंट के रूप में निवेशक सोना और चांदी में अपना निवेश तेज कर सकते हैं। ऐसा होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक बार फिर इन धातुओं के भाव में उछाल आ सकता है, जिसका प्रत्यक्ष असर भारतीय सर्राफा बाजार पर भी पड़ेगा।















