
- कांग्रेस सदस्याें ने “सड़क के गुंडों जैसा व्यवहार” कर राज्यपाल के भाषण में डाली बाधा: नेता विपक्ष
बेंगलुरु। कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने कहा कि संयुक्त विधानमंडल सत्र के दौरान आज हुई घटनाओं ने संविधान, सदन की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों को गहरी चोट पहुंचाई है। राज्य विधानमंडल के इतिहास में आज का दिन सबसे काला दिन है।
विधानसभा में भाजपा नेता आर. अशोक गुरुवार काे यहां विधानसौध में पत्रकाराें से वार्ता कर रहे थे। नेता विपक्ष आर. अशोक ने कहा कि कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने आज संयुक्त अधिवेशन में उपस्थित होकर अपना अभिभाषण प्रस्तुत किया और अपने संवैधानिक दायित्व का विधिवत पालन किया, लेकिन कांग्रेस सदस्याें ने “सड़क के गुंडों जैसा व्यवहार” करते हुए राज्यपाल के भाषण में जानबूझकर बाधा डाली, जो संविधान, राज्यपाल के पद और सदन की गरिमा का खुला अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन की परंपराओं और नियमावली को दरकिनार कर राज्यपाल के अभिभाषण को बाधित किया गया, जिससे पूरे विधानमंडल की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची।
कानून मंत्री छाेड़ें अपना पद
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सदन के वरिष्ठ सदस्य और राज्य के कानून मंत्री एचके पाटील का इस गलत परंपरा की अगुवाई किया जाना अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय है। कानून मंत्री पाटील को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, उन्हें तत्काल पद छोड़ देना चाहिए।











