कार बाजार में काले रंग की ‎बढ़ी हिस्सेदारी, सफेद रंग की घटी…आखिर ऐसा क्यों?

  • 2021 में सफेद वाहनों की हिस्सेदारी 43.9 थी, जो 2025 तक घटकर 40.7 फीसदी रह गई

नई दिल्ली । कार बाजार में काले रंग के कारों के प्र‎ति लोगों का रुझान बढता जा रहा है वहीं सफेद रंग की कारों का रुझान युवाओं में घटता जा रहा है। एक वैश्विक ऑटोमोटिव डेटा, विश्लेषण और इंटेलिजेंस कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, 2021 में सफेद वाहनों की हिस्सेदारी 43.9 फीसदी थी, जो 2025 तक घटकर 40.7 फीसदी रह गई। हालांकि, चमक और व्यावहारिक लाभों के कारण यह अभी भी खरीदारों में सबसे पसंदीदा रंग बना हुआ है। वहीं काले रंग की कारों की हिस्सेदारी 2021 में 14.8 फीसदी से बढ़कर 2025 में 20.76 फीसदी हो गई है। मारुति सुजूकी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि युवा पीढ़ी और जेन ज़ी में काले रंग की मांग वाहन उद्योग के औसत से अधिक रही। टाटा मोटर्स के एक अ‎धिकारी ने बताया कि अब खरीदार व्यक्तिगत पसंद और जीवनशैली पर ध्यान दे रहे हैं। गहरे रंग आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और स्टेटस का प्रतीक बन गए हैं, जबकि सफेद रंग अपनी व्यावहारिकता और रीसेल वैल्यू की वजह से शीर्ष पर बना हुआ है। भारत में यात्री वाहनों की थोक बिक्री 2025 में 45.6 लाख रही, जो 5.06 फीसदी सालाना वृद्धि दर्शाती है। अधिकांश बढ़ोतरी जीएसटी दरों में कटौती के बाद अंतिम तिमाही में हुई।

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