
- बीएलओ SIR फॉर्म घर-घर जाकर बांट रहे
- इंटरनेट और सर्वर कर रहा परेशान, BLO हैरान
- 2,63,883 मतदाताओं को वितरित किया गया मतदाता फॉर्म
- 2003 के मतदाताओं से 70 प्रतिशत हो रहा मिलान
हमीरपुर। मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान अब अंतिम दौर की ओर बढ़ रहा है। निर्वाचन आयोग की ओर से चार दिसंबर तक कार्य पूरा करने की अवधि दी गई है। जिसे लेकर इस कार्य में लगे सभी कर्मचारी घर घर जाकर मतदाता प्रपत्रों को बांटना, उन्हे भरवाना और फिर जमा कराने में लगे हुए हैं । एसआईआर का काम चुनौती पेश कर रहा है।
एसआईआर के काम में लगे बीएलओ मतदाताओं को वोटर लिस्ट में नाम देखकर फॉर्म दे रहे हैं। फॉर्म को कैसे भरे इसके बारे में भी बता रहे हैं। लेकिन कुछ मतदाताओं को भाग संख्या का कॉलम परेशान कर रहा है। फिर भी बीएलओ व अन्य विभागों के कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए कार्य को शीघ्र समाप्त करने मे लगे हुए हैं।

पूरे प्रदेश के साथ साथ हमीरपुर में एसआईआर का काम तेजी से चल रह है। जिले की सरीला तहसील में तीन बीएलओ को समय से पहले कार्य पूरा करने पर सम्मानित किया गया है। इसके साथ ही गुरुवार को जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने फीडिंग के कार्य का निरीक्षण किया। निरिक्षण के दौरान एसआईआर का कार्य देख रहे एसडीएम केडी शर्मा से फीड बैक लिया। कार्य मे शिथिलता बरतने वाले 17 सुपरवाइजर न तो बीएलओ के कार्य की समीक्षा कर रहे है और न ही समीक्षा बैठक में आ रहे है। एसआईआर का कार्य प्रभावित हो रहा है। गुरुवार की बैठक में भी शामिल नहीं हुए। इसके बाद चिंहित 17 सुपरवाइजरों के एक दिन का वेतन रोके जाने की संस्तुति जिला निर्वाचन अधिकारी घनश्याम मीना से की गई है। इसी के साथ नोटिस भी दिया गया है।
वहीं दूसरी तरफ एसआईआर में अब इसके बाद अन्य ने भी कमर कस ली है। कार्य के बीच में शुक्रवार को सर्वर ने जमकर बाधा डाली लेकिन बीएलओ और अन्य सहयोगी डटे रहे। बीएलओ का कहना हैं इस कार्य में सबसे बड़ी दिक्कत इंटरनेट और सर्वर की आ रही है।

इस व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग भी की है। एसडीएम सदर केडी शर्मा ने बताया कि 2,63,883 मतदाताओं को फॉर्म वितरित किए गए हैं। SIR के तहत 2003 के मतदाताओं का वर्तमान के मतदाताओं से मिलान किया जा रहा है। 70 प्रतिशत मतदाताओं का मिलान संभव हो सका है 30 प्रतिशत का डेटा अभी मिलान नहीं हो पा रहा है जिसके लिए कार्य जारी है। बताया कि बीएलओ के ऊपर प्रेशर न पड़े इसलिए स्थानीय सहयोगी और अन्य कर्मचारियों को साथ में लगाया गया है।











