
बरेली के हाफिजगंज थाने में तैनात महिला दरोगा पायल रानी द्वारा अपने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। पति की ओर से लगाए गए आरोपों और दरोगा पायल रानी के जवाब के बाद यह विवाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है।
दरोगा पायल रानी ने 13 नवंबर 2025 को हापुड़ के पिलखुवा क्षेत्र के गांव पूठा हुसैनपुर निवासी पति गुलशन सहित ससुराल के अन्य सदस्यों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि शादी के बाद उनसे 10 लाख रुपये और कार की मांग की गई। मांग पूरी न होने पर उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
इस मामले में पति गुलशन के पिता नरेंद्र कुमार, मां गीता, बड़े भाई कमल, भाभी कोमल, बहन सलोनी, ननद पायल और बहनोई रिंकू को भी आरोपी बनाया गया है।
मामला सामने आने के बाद पति गुलशन ने परिजनों के माध्यम से हापुड़ के एसपी को पत्र भेजकर पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गुलशन का कहना है कि उनकी शादी 2 दिसंबर 2022 को हापुड़ के गणेशपुरा मोहल्ला निवासी पायल रानी से हुई थी। दोनों वर्ष 2016 से एक-दूसरे को जानते थे और वर्ष 2021 में कोर्ट मैरिज भी कर चुके थे।
गुलशन का आरोप है कि पत्नी ने उनके और परिवार के खिलाफ झूठा दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने मजदूरी कर पत्नी की पढ़ाई करवाई और दरोगा बनने में मदद की, लेकिन नौकरी लगते ही पायल रानी का व्यवहार बदल गया।
दरोगा पायल रानी ने पति के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने यह नौकरी अपनी मेहनत और काबिलियत से हासिल की है। उनके अनुसार, वर्ष 2021 में गुलशन से मुलाकात हुई थी, उस समय वह दिल्ली पुलिस की तैयारी कर रही थीं और चयन भी हो चुका था।
पायल रानी का कहना है कि पति और ससुराल वालों को यह उम्मीद थी कि नौकरी लगने के बाद शादी में कार और नकद धन मिलेगा। जब उनके परिवार ने कार नहीं दी तो ट्रेनिंग पर जाने के बाद ही 10 लाख रुपये का लोन लेने और कार खरीदने का दबाव बनाया जाने लगा।
उन्होंने यह भी बताया कि हर महीने अपना वेतन पति के खाते में ट्रांसफर किया है, जिसके रिकॉर्ड उनके पास सुरक्षित हैं। आरोप लगाया कि अब पति पुराने फोटो और वीडियो वायरल कर सहानुभूति हासिल करने की कोशिश कर रहा है।
दरोगा पायल रानी ने बताया कि वह पांच भाई-बहनों में से एक हैं। उनकी बड़ी बहन बीए, एमए और बीएड हैं, दूसरी बहन यूपी टेट, सीटेट और सुपर टेट पास कर शिक्षिका हैं, जबकि छोटी बहन यूपी पुलिस में कांस्टेबल है।
उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं एसएससी जीडी, रेलवे ग्रुप-डी, एलआईसी एडीओ-एएओ, एफसीआई, आरआरबी जेई, रेलवे लोको पायलट, यूपी टेट और दिल्ली पुलिस सहित कई प्रतियोगी परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं। उनके माता-पिता ने मजदूरी कर सभी बच्चों को पढ़ाया और उन्होंने ट्यूशन पढ़ाकर अपनी पढ़ाई पूरी की।
हापुड़ के एसपी ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि पीड़िता की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि बरेली इससे पहले भी पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्या प्रकरण को लेकर चर्चा में रहा था। उस मामले में भी कामकाजी महिलाओं के शादी के बाद व्यवहार में बदलाव को लेकर लंबे समय तक सार्वजनिक बहस चली थी।










