
भोपाल। मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने शनिवार को भोपाल के निशातपुरा कोच फैक्ट्री आरओबी निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता, समय-सीमा और सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन किया जाए। उन्होंने इंजीनियरों से कहा कि आरओबी के निर्माण में किसी भी प्रकार की तकनीकी त्रुटि या लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए, इसलिए प्रत्येक चरण की सावधानीपूर्वक निगरानी और परीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
मंत्री सारंग ने बताया कि निशातपुरा कोच फैक्ट्री आरओबी देश का पहला ऐसा रेलवे ओवरब्रिज होगा, जो एक साथ 7 रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा। यह आरओबी भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म-1 क्षेत्र से प्रारंभ होकर छोला स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर तक पहुंचेगा। परियोजना के निर्बाध क्रियान्वयन के लिये पीडब्ल्यूडी, रेलवे, एफसीआई सहित सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए एक संयुक्त समिति का गठन किया गया है, जिससे किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी अड़चन न आए।
मंत्री सारंग ने बताया कि यह बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवरब्रिज नवंबर 2026 तक पूर्ण कर जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। इस आरओबी के निर्माण से नए और पुराने भोपाल के बीच छोला एवं करोंद क्षेत्र की कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी तथा लगभग 9 लाख नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
शहर का आवागमन होगा सुगम
मंत्री सारंग ने बताया कि आरओबी के निर्माण के बाद करोंद, बैरसिया, बैरागढ़, विदिशा की ओर से आने-जाने वाले नागरिकों को भोपाल रेलवे स्टेशन तक पहुंचना आसान होगा। पुराने शहर से भेल क्षेत्र जाने वाले लोगों के लिए भी यह आरओबी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि अरेरा कॉलोनी, शाहपुरा सहित शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों से आवागमन सुगम होगा। भविष्य में यही आरओबी भोपाल एयरपोर्ट तक आने-जाने के लिए भी एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग के रूप में उपयोगी रहेगा।
मंत्री सारंग ने बताया कि आरओबी के निर्माण के लिये राज्य शासन द्वारा रेलवे को राशि हस्तांतरित कर दी है। इसका निर्माण रेलवे द्वारा कराया जायेगा। निरीक्षण के दौरान भोपाल महापौर मालती राय, रेलवे, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), राजस्व विभाग, एफसीआई, पुलिस सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री सारंग ने कहा कि यह परियोजना भोपाल के समग्र शहरी विकास और यातायात सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि जाम की समस्या में भी कमी आएगी और शहर की आर्थिक व सामाजिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।














