
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के 11 वर्ष भारत की सामाजिक चेतना में आए सकारात्मक परिवर्तन के सशक्त प्रतीक हैं। यह अभियान आज एक सरकारी योजना से आगे बढ़कर जन-आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। इसने सामाजिक दृष्टिकोण में व्यापक परिवर्तन लाते हुए बेटियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित किए हैं।
मुख्यमंत्री ने एक्स पर गुरुवार को पोस्ट करते हुए कि हमारी बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी सफलता का परचम लहरा रही हैं। वे खेल के मैदानों में पदक जीत रही हैं, विज्ञान और तकनीक में नवाचार कर रही हैं, कॉर्पोरेट जगत में नेतृत्व कर रही हैं और सीमाओं पर देश की रक्षा में तैनात हैं। शिक्षा से लेकर उद्यमिता तक बेटियों की बढ़ती भागीदारी नए भारत की वास्तविक शक्ति है।
उन्होंने नारी शक्ति के सशक्तीकरण और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रधानमंत्री का हृदय से आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि बेटियों की यही सफलता और स्वावलंबन विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करेगा।
उल्लेखनीय है कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के घटते लिंगानुपात की समस्या को दूर करना, उन्हें शिक्षित करना और सशक्त बनाना है।















