
– आठ बरस का प्रेम-संबंध, ढाई साल पहले लव-मैरिज
– बेवफाई के शक में बीवी ने बनाई दूरी, चैट पर बहस
– ससुराल पहुंचा मनाने, गेट नहीं खुला तो जहर खाया
– चार बहनों के बीच इकलौता भाई था विक्रम केवट
कानपुर। दोनों ने किया था इश्क मगर, बेवफाई के शक में रिश्ता टूट गया। रूठी बीवी को मनाने के तमाम जतन करने के बाद भी वह नाकामयाब था। ऐसे में चेहरा दिखाकर मनाने की आखिरी कोशिश में ससुराल की देहरी पर पहुंचा। तमाम मनुहार करता रहा, लेकिन गेट भी नहीं खुला। आठ बरस पुराने रिश्ते को बिखरता देखकर आशिक ने अपनी बीवी के मायके के सामने जहर खाकर आटो को स्टार्ट किया। घर लौटकर अपनी चार बहनों और मम्मी-पापा को जिंदगी का आखिरी प्रणाम बोलकर बेसुध हो गया। परिजन लेकर कांशीराम अस्पताल पहुंचे, जहां से हैलट रेफर कर दिया गया। डाक्टर्स ने नब्ज और दिल की हरकत देखकर दीवाने की मौत का ऐलान कर दिया। घटना चकेरी थानाक्षेत्र के मंगलाबिहार से जुड़ी है। मौत के शिकार दीवाने का नाम विक्रम केवट है, जबकि परिजनों के मुताबिक मौत के लिए जिम्मेदार बीवी का नाम रिया है।
आठ बरस पुरानी आशिकी में शक की घुसपैठ
हनुमंत विहार थानाक्षेत्र के आनंद विहार का विक्रम केवट (25) बुधवार की दोपहर अपनी नाराज बीवी रिया को मनाने के लिए चकेरी थानाक्षेत्र के मंगला विहार में छोटी पुलिया के सामने पहुंचा था। दोनों के बीच आठ साल से इश्किया रिश्ते थे, लेकिन ढाई साल पहले मंदिर में ईश्वर के सामने एक-दूजे को जयमाला पहनाकर सात जन्म का रिश्ता जोड़ा था। अफसोस…. यह रिश्ता दो साल में शक की बुनियाद पर बिखरकर टूट गया। प्रेम-विवाह के बाद विक्रम अपनी मोहब्बत रिया के साथ दामोदर नगर में किराये के मकान में रहता था। गुजर-बसर के लिए आटो चलाने वाला विक्रम अपनी बीवी को जिंदगी से ज्यादा इश्क करता था। नए सफर के शुरुआती दौर में रिया को विक्रम के परिजनों का दखल पसंद नहीं था, लिहाजा उसने सास-ससुर का मोबाइल नंबर ब्लाक कर दिया था। विक्रम के पिता जय आरोप है कि घरेलू विवाद के चलते चार महीने पहले रिया दामोदर नगर में विक्रम को अकेला छोड़कर मायके चली गई थी। इसके बाद से विक्रम लगातार रिया को मनाने का जतन करने में जुटा था, लेकिन उसे सिवाय अपमान के कुछ हासिल नहीं हुआ पिता का आरो है कि, करीब 15 दिन पहले रिया घर आई थी और जेवर व एक लाख रुपये नकद बटोरकर मायके लौट गई। इसके बाद उसने विक्रम का नंबर भी ब्लाक कर दिया था।
शक की घुसपैठ से बिगड़े आशिकी के रिश्ते
विक्रम के मोबाइल फोन की चैट से जाहिर है कि, प्रेम-विवाह के दो साल बाद रिया को विक्रम का स्वभाव बदला-बदला लगने लगा था। रिया को शक था कि, विक्रम उसके साथ विश्वासघात कर रहा है और किसी दूसरी महिला के चक्कर में फंसा है। इसी कारण आए दिन रिया और विक्रम के बीच मारपीट होती थी। रिया ने वाट्सएप पर विक्रम के साथ चैट में लिखा है कि, तेरा जैसा नामर्द, धोखेबाज मुझे चाहिए नहीं, नफरत हो गई है तुझसे, तेरे नाम से, तेरी गालियों से, तेरी मार से और तेरी दोगली हरकतों से….. यह अल्फाज साबित करते हैं कि, शक के कारण इश्क कमजोर हो चुका था और आए दिन मियां-बीवी के बीच हाथ-पैर चल रहे थे। अलबत्ता जवाब में विक्रम अपनी आशिकी को जाहिर करते हुए कहता है कि, परेशान नहीं करूंगा, मर्जी हो तो अपनी लाइफ जीना।
फोन नहीं उठाया तो ससुराल पहुंचा विक्रम
कई दिन की बहस के बाद विक्रम ने बुधवार की दोपहर 3.00 बजे रिया को फोन किया, लेकिन जवाब नहीं मिला। ऐसे में वह 3.30 बजे मंगला विहार स्थित ससुराल पहुंच गया। कॉल हिस्ट्री के मुताबिक, 3.40 बजे आखिरी कॉल करने के बावजूद गेट नहीं खुला तो कुछ देर खटखटाने के बाद उसने जहर निगल लिया। इसके बाद आटो चलाकर परिजनों के पास पहुंचा और घटनाक्रम बताया। हालत बिगड़ने पर परिजन आनन-फानन में उसे लेकर कांशीराम अस्पताल पहुंचे, जहां स्थिति नाजुक देखकर हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया। डाक्टर्स की तमाम मेहनत के बावजूद विक्रम की आशिकी और जिंदगी की बुधवार देर शाम आठ बजे मौत हो गई। विक्रम की मौत के लिए रिया को जिम्मेदार ठहराते हुए परिजनों ने रिया के मायके के सामने विक्रम की लाश रखकर हंगामा किया, लेकिन पुलिस के समझाने पर मान गए।
पहले भी कर चुका था आत्महत्या का प्रयास
पिता का कहना है कि पत्नी से दूरी और मानसिक तनाव के चलते विक्रम चार-पांच मर्तबा पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुका था, लेकिन उसे बचा लिया गया। इस मामले में चकेरी थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्रा ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर अग्रिम कार्रवाई होगी।









