ईरान में फंसे छात्र सुरक्षित भारत पहुंचे, बोले- नहीं कर पा रहे थे किसी से संपर्क

Indian Students in Iran : ईरान में जारी गहरे संघर्ष और बढ़ती अशांति के बीच भारतीय नागरिकों, विशेषकर छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने तेजी से कदम उठाए हैं।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, जनवरी 2026 में ईरान में बढ़ते तनाव और विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर भारत ने अपने नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए निकासी अभियान (Evacuation) की पूरी तैयारी कर ली है।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस संकट के समय में अपने नागरिकों के लिए विशेष उड़ानों का प्रबंध किया है। खबर है कि 16 जनवरी 2026 को तेहरान से दो प्रमुख विमानों के भारत पहुंचने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इन विमानों में पहली उड़ान महान एयर (Mahan Air) की है, जबकि दूसरी अल-अरबिया (Al Arabiya) की बताई जा रही है।

सरकार की प्राथमिकता उन छात्रों पर है जो ईरान के विभिन्न शहरों तेहरान, कोम और इस्फहान में मेडिकल और उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। भारतीय दूतावास और संबंधित अधिकारियों ने इन छात्रों का सुरक्षित वापस आना सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए हैं। दिल्ली एयरपोर्ट (IGI) पर पहुंचने वाले छात्रों का परिजनों और अधिकारियों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। छात्रों ने अपने सुरक्षित घर लौटने पर खुशी जाहिर की और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया।

यह पहली बार नहीं है जब भारत ने ईरान से अपने नागरिकों को रेस्क्यू किया है। जून 2025 में भी जब ईरान और इजराइल के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी थी, तब भारत ने ‘ऑपरेशन सिंधु’ नामक अभियान चलाया था। उस दौरान लगभग 3,597 भारतीयों को सुरक्षित भारत लाया गया था। उस ऑपरेशन के दौरान कई छात्रों को सड़क मार्ग से पहले आर्मेनिया (Armenia) भेजा गया, फिर वहां से विशेष विमानों द्वारा दिल्ली लाया गया।

इनमें मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर के छात्र, तीर्थयात्री और मछुआरे शामिल थे। भारतीय दूतावास (तेहरान) ने छात्रों के लिए 24×7 इमरजेंसी हेल्पलाइन भी स्थापित की है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ईरान की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वहां के विदेश मंत्री से लगातार संपर्क बनाए रखा है। चूंकि ईरान में कई जगहों पर इंटरनेट सेवाएं बंद हैं, इस कारण भारतीय दूतावास के अधिकारी व्यक्तिगत रूप से या अन्य माध्यमों से छात्रों के हॉस्टल तक पहुंचकर उनकी स्थिति का जायजा ले रहे हैं।

वापस लौटे छात्रों ने बताया कि वहां की स्थिति काफी तनावपूर्ण थी। इंटरनेट बंद होने के कारण अपने घर वालों से संपर्क करना कठिन हो गया था, साथ ही जरूरी सामान की भी किल्लत हो गई थी। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने “भारत माता की जय” के नारे लगाए और भरोसा जताया कि सरकार हर स्थिति में उनके लिए खड़ी है।

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