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भीलवाड़ा: शाहपुरा जिला बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर चल रहे आंदोलन के 58वें दिन शुक्रवार को शाहपुरा पूरी तरह बंद है। शहर के सभी बाजार अलसुबह से ही बंद कर दिए गए हैं, जिसमें चाय, अल्पाहार, और सब्जी विक्रेताओं ने भी स्वैच्छिक रूप से बंद का समर्थन किया है। अभिभाषक संस्था के अध्यक्ष दुर्गालाल राजौरा की अगुवाई में यह आंदोलन निरंतर जारी है और आज दिनभर शाहपुरा बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
संघर्ष समिति के संयोजक रामप्रसाद जाट ने जानकारी दी कि आज सुबह 11 बजे महलों का चैक से एक विशाल रैली निकाली जाएगी, जो एसडीओ कार्यालय तक पहुंचेगी। वहां, शाहपुरा के सैकड़ों निवासी जिले की बहाली की मांग को लेकर धरना देंगे और अपनी गिरफ्तारियां देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक शाहपुरा को जिला बहाल नहीं किया जाता, तब तक यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।
बंद को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं। शाहपुरा थाना प्रभारी सुरेशचंद्र शर्मा के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। पुलिस प्रशासन आंदोलनकारियों पर कड़ी नजर रख रहा है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मुस्तैद है।
उल्लेखनीय है कि पिछले 58 दिनों से एसडीओ कार्यालय के बाहर क्रमिक अनशन और धरना जारी है। हर दिन विभिन्न समाजों और संगठनों की ओर से धरना दिया जा रहा है और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा जा रहा है। इससे पहले, 28 तारीख को भी संघर्ष समिति द्वारा शाहपुरा बंद का आयोजन किया गया था, जिसमें विशाल आमसभा हुई थी। वह आयोजन शाहपुरा के इतिहास में ऐतिहासिक माना गया था।
शाहपुरा जिले की बहाली की मांग को लेकर जनता का समर्थन लगातार बढ़ रहा है। शहरवासियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, वे आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाएंगे। आंदोलनकारियों का यह संकल्प प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है और आने वाले दिनों में आंदोलन की तीव्रता और अधिक बढ़ने की संभावना है।