
Somnath Parv : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज गुजरात के सोमनाथ में स्वाभिमान पर्व के अवसर पर दुग्धाभिषेक किया। इस धार्मिक आयोजन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री गुजरात पहुंचे हैं, जहां उन्होंने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का अभिषेक किया। पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ मंदिर में पूजा की गई, और इसके बाद प्रधानमंत्री ने स्थानीय श्रद्धालुओं को संबोधित किया।
सोमनाथ मंदिर में पूजा से पहले मंदिर की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के उद्देश्य से भव्य शौर्य यात्रा का आयोजन किया गया था। इस यात्रा में 108 घोड़ों का जुलूस निकाला गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “गजनी से औरंगजेब तक अतीत में हो गए दफन, सोमनाथ वहीं खड़ा।” उन्होंने मुस्लिम आक्रमणकारियों द्वारा सोमनाथ मंदिर का विध्वंस और उसके बाद के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पवित्र स्थल को अनेक आक्रमणकारियों ने क्षतिग्रस्त किया, लेकिन उसकी विरासत आज भी जीवित है।
उन्होंने मजहबी उन्माद को साधारण लूट बताया और कहा, “सोमनाथ के क्रूर इतिहास को छिपाया गया, लेकिन हम इसे भूल सकते नहीं।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि हम वही लोग हैं, जो जीव में भी शिव को देखते हैं। उन्होंने कहा, “हमारे पुरखों ने अपने महादेव के लिए अपनी जान तक न्योछावर कर दी।”
साथ ही, उन्होंने कहा कि यह साल सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे होने का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा, “सोमनाथ मंदिर की शौर्यगाथा के 1000 साल पूरे हुए हैं, और इस दौरान मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 साल भी पूरे हुए हैं।”
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “हमारे पुरखों ने अपने महादेव के लिए जान की बाजी लगा दी।” उन्होंने यह भी कहा कि इस स्थल की स्थापना को सदियों से संघर्ष और समर्पण की कहानी ने संवारा है।
इस पूरे कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धालुओं को संकल्प दिलाया कि हम अपनी विरासत और संस्कृति को संजोएंगे और आने वाली पीढ़ियों को उसका संरक्षण सौंपेंगे।
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