
नई दिल्ली : अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला में की गई कार्रवाई को लेकर सामने आई जानकारी बेहद चौंकाने वाली है। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए की गई इस कार्रवाई में अमेरिका ने एक शक्तिशाली और रहस्यमय हथियार का इस्तेमाल किया, जिसके प्रभाव से वेनेजुएला के सैनिक बुरी तरह प्रभावित हो गए। कई सैनिकों की नाक से खून बहने लगा और कुछ ने खून की उल्टी तक की।
रिपोर्ट में एक प्रत्यक्षदर्शी गार्ड के हवाले से बताया गया है कि अमेरिकी सेना ने बिना किसी नुकसान के सैकड़ों लड़ाकों को निष्क्रिय कर दिया। गार्ड ने कहा कि उन्होंने ऐसी तकनीक न पहले कभी देखी थी और न ही सुनी थी। अचानक सभी रडार सिस्टम बंद हो गए, आसमान में बड़ी संख्या में ड्रोन दिखाई देने लगे और कुछ ही देर में हेलीकॉप्टर पहुंचे। करीब 20 अमेरिकी सैनिक उतरे और बेहद सटीकता व तेजी से कार्रवाई शुरू कर दी।
गार्ड के अनुसार, यह कोई सामान्य मुठभेड़ नहीं बल्कि पूरी तरह से एकतरफा कार्रवाई थी। अमेरिकी सैनिक इतनी तेजी से गोलियां चला रहे थे कि ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे हर सैनिक एक मिनट में सैकड़ों राउंड फायर कर रहा हो। इसके बाद एक ऐसा हथियार इस्तेमाल किया गया, जिसका प्रभाव बेहद भयावह था।
गार्ड ने बताया कि अचानक एक तीव्र ध्वनि तरंग जैसी चीज छोड़ी गई, जिससे ऐसा लगा मानो सिर अंदर से फट जाएगा। इसके तुरंत बाद सैनिकों की नाक से खून बहने लगा और कई लोग खून की उल्टी करने लगे। सभी जमीन पर गिर पड़े और न तो हिल पा रहे थे, न ही खड़े हो पा रहे थे।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इस प्रत्यक्षदर्शी के बयान को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। हालांकि, व्हाइट हाउस की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि क्या इस बयान की आधिकारिक पुष्टि की जा रही है। एक पूर्व अमेरिकी खुफिया सूत्र ने न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि अमेरिका के पास डायरेक्टेड एनर्जी वेपन्स कई वर्षों से मौजूद हैं, जो माइक्रोवेव या लेजर बीम जैसी केंद्रित ऊर्जा के जरिए लक्ष्यों को निष्क्रिय कर सकते हैं। संभव है कि युद्ध में इनका यह पहला इस्तेमाल हो।
इस बीच, आईएएनएस के अनुसार, वेनेजुएला के सांसद निकोलस मादुरो गुएरा ने कहा कि उनके पिता राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अपने वकीलों के माध्यम से संदेश भेजा है कि वे ठीक हैं और अमेरिकी हिरासत में रहते हुए भी दृढ़ संकल्पित हैं। उन्होंने कहा, “हम ठीक हैं, मैं एक योद्धा हूं।”
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला में कैदियों की रिहाई का सिलसिला तीसरे दिन भी जारी रहा। सरकार ने इसे सद्भावना प्रयास बताया है। इस क्रम में डायोजेन्स एंगुलो को एक साल पांच महीने बाद जेल से रिहा किया गया, जिन्हें 2024 के राष्ट्रपति चुनाव से ठीक पहले विपक्षी प्रदर्शन से जुड़े एक वीडियो को पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
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