
- दो घंटे चले सपा का प्रदर्शन
- पेड़ों पर चढ़कर व अर्द्धनग्नावस्था में सपा कार्यकर्ताओं ने जताया विरोध
- नैमिषारण्य के विवादित थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की मांग
सीतापुर। मिश्रिख-नैमिषारण्य पालिकाध्यक्ष के उपचुनाव में मतदान के दिन नैमिषारण्य थानाध्यक्ष द्वारा पूर्व राज्यमंत्री रामपाल राजवंशी तथा पूर्व विधायक अनूप गुप्ता से किए गए दुर्वव्यवहार के खिलाफ एकजुट हो सपा ने आज ‘चमड़ी उधेड़ों’ का प्रदर्शन जिला मुख्यालय पर किया। असंख्य सपाइयों के प्रदर्शन से शहर समेत विकास भवन के समक्ष परिसर में चक्का जाम हो गया। हर तरफ जाम का माहौल नजर आया। करीब दो घंटे तक चले इस प्रदर्शन को संभालने और समाप्त कराने तक पुलिस के दांत खट्टे हो गए। उमस भरी गर्मी में सपाइयों का हौसला जबरदस्त दिख रहा था लेकिन पुलिस पसीने-पसीने हो रही थी। सिटी मजिस्ट्रेट केएन तिवारी तथा सिओ सिटी विनायक भोसले के काफी समझाने तथा कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद सपाईयों ने राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन दोनों अधिकारियों को सौंपा।
बताते चलें कि जिस दिन पालिकाध्यक्ष के उपचुनाव में मतदान के दिन पूर्व राज्यमंत्री रामपाल राजवंशी तथा पूर्व विधायक अनूप गुप्ता नैमिषारण्य में मां ललितादेवी मंदिर के पास थे। इसी दौरान वहां के थानाध्यक्ष पंकज तिवारी वहां पहुंचे और उन्होंने दोनों सपा नेताओं से कुछ कहा। इस पर सपा नेताओं तथा थानाध्यक्ष के बीच तू-तू, मैं-मैं होने लगी।

जिसका वीडियो भी जमकर वायरल हुआ था। सपा नेताओं का आरोप है कि थानाध्यक्ष ने चमड़ी उधेड़ देगेे की बात कही थी। चुनाव निपटा जिसके बाद सपा नेताओं ने थाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई के लिए गुहार लगाई लेकिन पुलिस विभाग के कानों में जूं तक नहीं रेंगी। जिस पर सपाइयों ने चमड़ी उधेड़ों आंदोलन का एलान कर दिया। इसी परिपेक्ष्य में आज सपा जिलाध्यक्ष क्षत्रपाल यादव के नेतृत्व में सभी जनप्रतिनिधि सांसद धौरहरा आनंद भदौरिया, एमएलसी जासमीर अंसारी, लहरपुर विधायक अनिल वर्मा, पूर्व विधायक अनूप गुप्ता, रामपाल राजवंशी, राधेश्याम जायसवाल, नरेन्द्र वर्मा, महेन्द्र सिंह झाीन बाबू समेत हजारों की संख्या में सपा कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने सड़कों पर उतर कर चमड़ी उधेड़ों आंदोलन के तहत प्रदर्शन करते हुए विकास भवन के समक्ष धरना स्थल पर पहुंचे। इस दौरान सपा के नेता गोरिल्ला प्रदर्शन के तहत अगल-बगल में बने रहे और प्रदर्शन करते रहे। प्रदर्शन स्थान पर सभी नेता अपने-अपने कार्यकर्ताओं के साथ पहुंच रहे थे। सबसे अंत में सांसद धौरहरा आनंद भदौरिया अपने भारी भरकम लाव-लश्कर के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने उन्हें धरना स्थल पर आगे ना जाने देने की कोशिश की मगर उनके हौसला के आगे पुलिसबल थम नहीं सका। पुलिस लगातार धक्का दे-दे कर उन्हें रोकने की चेष्टा कर रही थी मगर वह अपने कार्यकर्ताओं के साथ आगे बढ़ते ही जा रहे थे। आखिरकार वह खुद ही रूक गए और वहीं जमीन पर बैठ गए।
करीब एक घंटा तक सभी सपाई उमस भरी गर्मी में बैठे रहे और थानाध्यक्ष समेत प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। इस दौरान पुलिस विभाग के अधिकारी ज्ञापन देने के लिए लगातार प्रयासरत रहे मगर सपाई कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। इस दौरान पुलिस विभाग केे अधिकारी पसीना-पसीना हो गए लेकिन सपाई हटने का नाम नहीं ले रहे थे। किसी तरह जब सिटी मजिस्ट्रेट केएन तिवारी तथा सिओ सिटी विनायक भोसले ने खुद जाकर पूर्व विधायक अनूप गुप्ता तथा रामपाल राजवंशी से वार्ता की। जिस पर दोनों नेताओं ने थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की बात कही। पूरी बात सुनने के बाद दोनों अधिकारियों ने खुद जांच करने और कार्रवाई करने की बात कमही तब जाकर सपा नेता माने और राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उन्हें सौंपा। इस दौरान पूर्व विधायक अनूप गुप्त ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह में थानाध्यक्ष पर कार्रवाई नहीं होती है तो वह डेरा डालो, घेरा डालो के तहत अनिश्चितकालीन प्रदर्शन करेंगे।
पेड़ों पर चढ़कर तथा कपड़े उतार कर किया प्रदर्शन

सपा कार्यकर्ताओं के हौसले आज इस कदर बुलंद थे कि वह प्रदर्शन के दौरान धरना स्थल पर पेड़ों के ऊपर चढ़ गए और झंडा तथा बैनर दिखाकर जमकर नारेबाजी की। यही नहीं कई कार्यकर्ताओं ने शरीर के ऊपरी भाग के कपड़े उतार अर्द्धनग्नावस्था में प्रदर्शन किया तथा प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला।
2027 में जनता सिखाएगी प्रदेश सरकार को सबक-सांसद
चमड़ी उधेड़ों आंदोलन के दौरान धौरहरा सांसद आंनद भदौरिया ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अफसरशाही चल रही है। अधिकारी प्रदेश की जनता की सुनने को तैयार नहीं है। हर तरफ भ्रष्टाचार का बोलबाला है। जनता परेशान होकर सड़कों पर मारी-मारी घूम रही है और सरकार तथा अधिकारी चैन की नींद सो रहे है। गरीब किसान खाद को तरस रही है। खाद के लेने के लिए जाने वाले किसानों को लाइनें लगानी पड़ रही है फिर भी खाद नहीं मिल रही है। अगर कोई किसान कुछ कहने की हिम्मत जुटाता है तो उस पर लाठियां चलती है। बिजली का कोई भरोसा नहीं है। दिन रात बेतहाशा बिजली की कटौती हो रही है। जिले में शेर की दहशत से लोगों काए जीना मुहाल है। दो किसानों को मौत के घाट उतार चुका है और सरकार कहती है कि सब ठीक है। धौरहरा सांसद आनंद भदौरिया ने अपने आवास से लेकर धरना स्थल तक करीब पांच किलोमीटर तक पदयात्रा करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी पसीना-पसीना नजर आ रहे थे लेकिन किसी के भी चेहरों पर लंेशमात्र की शिकन नहीं थी।