
Sitapur : चुनाव आयोग के कार्यों में लापरवाही बरतना और अधिकारियों का फोन रिसीव न करना नगर क्षेत्र के सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी खंड शिक्षा अधिकारी कुलदीप सिंह को भारी पड़ गया। जिलाधिकारी की नाराजगी के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने शनिवार देर शाम शहर कोतवाली में बीईओ के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
जिले में इस समय विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण विशेष पुनरीक्षण अभियान का कार्य चल रहा है। सिटी मजिस्ट्रेट निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कृष्णानंद तिवारी ने बताया कि शनिवार को कार्य की प्रगति जानने के लिए बीईओ कुलदीप सिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका सरकारी मोबाइल नंबर स्विच ऑफ जा रहा था। शक होने पर एक कर्मचारी को उनके कार्यालय भेजा गया, लेकिन वे वहां भी नहीं मिले।
डीएम की समीक्षा में खुली पोल
शनिवार शाम जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा बैठक ली। समीक्षा के दौरान सामने आया कि सीतापुर शहर के बूथ संख्या 50 से 150 तक मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य ठप पड़ा है और वहां कोई प्रगति नहीं हुई है। इस लापरवाही और बीईओ का फोन बंद होने की बात पता चलते ही डीएम बेहद नाराज हो गए। उन्होंने तत्काल सिटी मजिस्ट्रेट को एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए।
शहर कोतवाल अनूप शुक्ला ने पुष्टि की है कि चुनाव आयोग के निर्देशों की अवहेलना और सरकारी कार्य में बाधा डालने की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
वहीं दूसरी तरफ, काम के दबाव और बीमारी की चर्चा
प्रशासनिक कार्रवाई के बीच एक और पक्ष सामने आ रहा है। सूत्रों का कहना है कि बीईओ कुलदीप सिंह पर एसआईआर (SIR) के काम का भारी दबाव था, जिसके चलते वह अत्यधिक तनाव में थे। चर्चा है कि तबीयत बिगड़ने के कारण वे किसी अस्पताल में भर्ती हो गए थे, जिसकी वजह से उन्होंने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया था।
हालांकि दैनिक भास्कर या प्रशासन की ओर से अभी तक उनके अस्पताल में भर्ती होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यह जांच का विषय है कि क्या वास्तव में उनकी तबीयत खराब थी या यह लापरवाही का मामला है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।











