
नज़ूल भूमि पर दशकों पुराना रिकॉर्ड निरस्त, कब्ज़ेदारों को 15 दिन का अल्टीमेटम
सीतापुर। नगर पालिका परिषद सीतापुर ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए टाउन हॉल परिसर, सिविल लाइंस स्थित नज़ूल खंड सं० 1437 के अंश भाग पर किए गए कई अवैध कब्ज़ों और कर पंजीका में दर्ज “मांग/इंद्राज” को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। 7 जनवरी 2026 को जारी इन नोटिसों से नगर पालिका ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी कीमती संपत्ति पर किसी भी प्रकार का अवैध अध्यासन बर्दाश्त नहीं करेगी।
नगर पालिका ने अपने नोटिस में साफ किया है कि नज़ूल भूमि खंड 1437 का स्वामित्व उत्तर प्रदेश राज्य में निहित है। नज़ूल हस्त पुस्तिका के प्रस्तर 45 के अंतर्गत नगर पालिका परिषद सीतापुर को केवल इस संपत्ति के प्रबंधन का अधिकार प्राप्त है, जबकि संपत्ति को पट्टे पर देने के लिए प्रस्तर 13 व 14 का पालन अनिवार्य है। चूंकि कर रजिस्टर में दर्ज इंद्राज (मांग) का कोई वैध विधिक आधार नहीं है, इसलिए इसे निरस्त करना पूरी तरह से उचित और विधिक है।
सपा कार्यालय समेत पांच प्रमुख इंद्राज निरस्त
जिन प्रमुख लोगों और संस्थाओं को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें नज़ूल संपत्ति पर अवैध अध्यासन करने वाली कई हस्तियाँ शामिल हैं, जिन्हें नगर पालिका ने “अतिचारी व अवैध अतिक्रमण की श्रेणी” में माना है।

निरस्त किए गए प्रमुख इंद्राज और नोटिस प्राप्तकर्ता
ज़िलाध्यक्ष, समाजवादी पार्टी टाउन हॉल के अंशभवन में कार्यालय भवन। (इन्हें 50×60 फीट, क्षेत्रफल 3000 वर्गफीट के लिए 100/- रुपये सालाना लगाने की दर से आवेदन किया गया था, जो निरस्त कर दिया गया है)।
श्रीमती शकुंतला तिवारी व अन्य (हरीश, गिरीश, विनोद, प्रमोद): टाउन हॉल परिसर।
श्री नरेश कुमार: टाउन हॉल परिसर।
श्रीमती मिथलेश गुप्ता: टाउन हॉल परिसर।
विजय भारती पुत्र बुद्ध: टाउन हॉल परिसर के अंशभाग में।
सभी कब्ज़ेदारों को अंतिम चेतावनी देते हुए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। उन्हें इस अवधि के भीतर स्वयं कब्ज़ा हटाकर संपत्ति को नगरपालिका परिषद सीतापुर को सौंपने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न करने पर, नगरपालिका बलपूर्वक भवन को खाली कराएगी और इस प्रक्रिया में होने वाले खर्च की वसूली उनसे भू-राजस्व बकाया के रूप में की जाएगी। अधिशासी अधिकारी श्रेणी-1, नगर पालिका परिषद सीतापुर द्वारा ये आदेश जारी किए गए हैं।










