
- सीतापुर पुलिस की धमक, मासूम से दरिंदगी करने वाले को 20 साल की कालकोठरी
- महमूदाबाद के शाकिर को कोर्ट ने सुनाई कड़ी सजा, ₹20,000 का लगा जुर्माना
- ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ का असर, प्रभावी पैरवी से सलाखों के पीछे पहुंचा गुनहगार
Sitapur : सीतापुर जिले की पुलिस के सख़्त तेवरों और कोर्ट में मज़बूत पैरवी ने एक और दरिंदे को उसके अंजाम तक पहुँचा दिया है। महमूदाबाद थाना क्षेत्र में मासूम बच्ची के साथ हैवानियत करने वाले अभियुक्त शाकिर को न्यायालय ने 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला सीतापुर पुलिस की उस मुहिम का हिस्सा है, जिसके तहत महिला और बाल अपराधों में शामिल अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलवाई जा रही है।
2023 के जघन्य कांड में आया फैसला
मामले की जड़ें साल 2023 से जुड़ी हैं, जब महमूदाबाद पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 300/23 दर्ज किया था। पैगम्बरपुर निवासी शाकिर (पुत्र स्वर्गीय शाहिद) पर धारा 376 एबी (12 साल से कम उम्र की बच्ची से बलात्कार) और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने इस मामले में न केवल तेज़ी से चार्जशीट दाखिल की, बल्कि वैज्ञानिक साक्ष्यों को भी मज़बूती से कोर्ट के सामने रखा।
विशेष कोर्ट ने मुहर लगाई, अब भुगतेगा पापों की सजा
सोमवार, 12 जनवरी को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट (कोर्ट संख्या-14) ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शाकिर को दोषी करार दिया। न्यायालय ने उसे 20 साल की कैद के साथ 20,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यदि वह जुर्माना नहीं भरता है, तो उसकी कैद की मियाद और बढ़ सकती है। पुलिस की इस प्रभावी पैरवी की पूरे ज़िले में चर्चा है, क्योंकि ऐसे संगीन मामलों में त्वरित न्याय से अपराधियों के हौसले पस्त हो रहे हैं। सीतापुर पुलिस का साफ़ संदेश है कि अपराधियों के लिए ज़िले में कोई जगह नहीं है।
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