
सीतापुर : जनपद में जीएसटी चोरी के एक बड़े और संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए खैराबाद पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने सात शातिर अंतर्जनपदीय अभियुक्तों को गिरफ्तार किया, जिससे सनसनी फैल गई। आरोपियों के कब्जे से 8 लाख रुपये नकद, 5 लैपटॉप, 37 मोबाइल फोन, 80 सिम कार्ड, 37 एटीएम कार्ड, 39 स्टैम्प, 18 बिल बुक, 10 पैन कार्ड, 57 चेक बुक, 10 बैंक पासबुक, 135 विभिन्न बैंकों के चेक, 9 डिजिटल सिग्नेचर यूएसबी डिवाइस, 2 हार्ड डिस्क और विभिन्न फर्मों के 651 फर्जी बिल, टैक्स इनवॉइस और ई-वे बिल समेत 2 चार पहिया वाहन बरामद किए गए।
पुलिस अधीक्षक सीतापुर अंकुर अग्रवाल के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आलोक सिंह के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी अपराध विनायक भोसले के नेतृत्व में यह बड़ी कार्रवाई अंजाम दी गई। थाना खैराबाद और एसओजी की संयुक्त टीम ने ग्राम असोथर के पास आरोपियों को उस समय दबोचा, जब वे सबूतों और नकदी के साथ फरार होने की फिराक में थे। गिरफ्तार अभियुक्तों में मो. आसिफ, अनवारुल हक, मो. अम्मार (सीतापुर), उजैर (कानपुर), अब्दुल नासिर, जीशान और मो. आरिफ (सीतापुर) शामिल हैं।
ऐसे करते थे करोड़ों की जीएसटी चोरी
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी खुद को लकड़ी कारोबारी बताकर भोले-भाले और कम पढ़े-लिखे लोगों को सरकारी योजनाओं और मोटे मुनाफे का लालच देते थे। उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज हासिल कर 60 से 70 फर्जी/बोगस फर्में खड़ी कर दी जाती थीं। इन फर्जी फर्मों के नाम से लकड़ी का कूट रचित व्यापार दिखाकर फर्जी बिल और जीएसटी इनवॉइस बनाए जाते थे, जिससे सरकार को लाखों रुपये की राजस्व हानि पहुंचाई जा रही थी।
शिकायत से खुला पूरा खेल
8 जनवरी 2026 को एक खाता धारक द्वारा थाना खैराबाद में दी गई शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई। कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी लैपटॉप, मोबाइल, चेकबुक, स्टैम्प, हार्ड डिस्क और 8 लाख रुपये नकद लेकर भागने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने समय रहते पूरे गिरोह को धर दबोचा।
अन्य जनपदों में भी फैला नेटवर्क
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त शातिर और अभ्यस्त अपराधी हैं। इनके खिलाफ अन्य जनपदों में भी इसी तरह की धोखाधड़ी की जांच की जा रही है। थाना खैराबाद में पंजीकृत मुकदमा संख्या 15ध्26 में धारा 340(2) और 111बीएनएस की बढ़ोतरी करते हुए सभी अभियुक्तों को न्यायालय भेजा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में अपराध और आर्थिक धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ ऐसी कठोर कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।











