
- डॉ. राजा गणपति आर. ने बीडीओ को दी कड़ी चेतावनी, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर दें विशेष ध्यान
- स्वयं सहायता समूह और भूमि चिह्नांकन में ढिलाई पर होगी कठोर कार्रवाई
Sitapur : शुक्रवार को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. की अध्यक्षता में विकास खंडों के माध्यम से संचालित कार्यक्रमों और योजनाओं की एक अहम समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) को कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि लंबित प्रकरणों का निस्तारण समय से सुनिश्चित हो और सभी प्रकार के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि कार्य समय पर पूर्ण हो सकें।
मिशन शक्ति और निर्माण कार्यों पर कड़ा रुख

जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के सशक्तीकरण पर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी देते हुए साफ कहा कि मिशन के कार्यों में लापरवाही करने पर कठोर कार्यवाही की जाएगी। नए समूहों के गठन और संचालित समूहों को सुविधाओं से लाभान्वित करने की कार्यवाही में तेजी लाने पर जोर दिया गया।
इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने सभी बीडीओ को कड़े निर्देश दिए कि सभी विकास खंडों में लक्ष्य के अनुरूप अन्नपूर्णा भवनों, मिनी स्टेडियम, एमडीएम शेड, मनरेगा पार्क, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स आदि के निर्माण हेतु प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन विकास खंडों में अभी तक भूमि का चिह्नांकन नहीं हो पाया है, वहां संबंधित उपजिलाधिकारियों से समन्वय स्थापित करके तत्काल भूमि चिह्नित करा ली जाए और अनारंभ कार्यों को तुरंत शुरू कराया जाए। उन्होंने बीडीओ को नियमित रूप से कार्यों की प्रगति की समीक्षा और स्थलीय निरीक्षण करने के लिए पाबंद किया।

जिलाधिकारी ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कार्यालय के समस्त अभिलेख व्यवस्थित और अद्यतन रहें, तथा पात्रों को लाभार्थीपरक योजनाओं से लाभान्वित करने के प्रकरण किसी भी स्तर पर अनावश्यक रूप से लंबित न रहें। उन्होंने अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्यों की नियमित समीक्षा करने और लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्यवाही करने का आदेश दिया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रणता ऐश्वर्या सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।










